एडीजे 23 विपिन कुमार की कोर्ट में शुक्रवार को एक माओवादी पर चार्ज फ्रेम किया गया। इसे चालापल्ली हैदराबाद से कड़ी सुरक्षा में लाया गया। एक दूसरे माओवादी को तिहाड़ जेल और दो को जिला जेल से कोर्ट में पेश किया गया।
लखनऊ और कानपुर एसटीएफ ने आठ फरवरी 2010 को नौबस्ता क्षेत्र से माओवादी बलराज, दीपक, वंशीधर, नवीन उर्फ अशोक और बच्चा सिंह को गिरफ्तार किया था। बाद में इन दोनों के खुलासे पर किदवई नगर से कृपाशंकर शिवराज सिंह और राजेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया था।
इन सभी पर देशद्रोह और विधि विरुद्ध कार्य करने जैसी गंभीर धाराएं लगीं थी। इन सभी का मुकदमा एडीजे 23 की कोर्ट में चल रहा है। चार साल पहले बच्चा सिंह को अन्य मुकदमे में आंध्र प्रदेश पुलिस और राजेंद्र सिंह को दिल्ली पुलिस ले गई थी।
बच्चा सिंह का आंध्र प्रदेश का मुकदमा खत्म होने के बाद तेलागंना जेल भेज दिया गया था। वहां से हैदराबाद में अन्य मुकदमे में भेजा गया था। शुक्रवार को चालापल्ली पुलिस बच्चा सिंह को और दिल्ली पुलिस तिहाड़ जेल से राजेंद्र सिंह को लेकर एडीजे 24 कोर्ट पहुंची।
जिला जेल से कृपाशंकर और शिवराज सिंह को पेशी पर लाया गया। अन्य की जमानत हो चुकी है। बच्चा सिंह के अधिवक्ता आसिफ खान ने बताया कि कोर्ट ने शुक्रवार को बच्चा सिंह पर चार्ज फ्रेम कर दिया। राजेंद्र सिंह समेत अन्य अभियुक्तों पर पहले ही चार्ज फ्रेम हो चुका है। इंसपेक्टर स्वरुप नगर और तत्कालीन एसटीएफ में तैनात इंसपेक्टर राजीव द्विवेदी भी कोर्ट आए।