क्रिकेटर एवं पूर्व सांसद चेतन चौहान की भांजी रिचा शुक्ला ने अपने उद्योगपति पति शिवराज टुबैको के मालिक संदीप शुक्ला खिलाफ नजीराबाद थाने में जान से मारने की धमकी समेत कई गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
रिचा, शुक्रवार रात हैलट से डिस्चार्ज होकर बंगलुरु, दिल्ली से आए परिजनों के साथ नजीराबाद थाने पहुंची और डॉ. प्रमोद शुक्ला, चचिया ससुर सुखदेव शुक्ला और राजकुमार पर जबरदस्ती इंजेक्शन लगाने और पति संदीप शुक्ला, उसके साथी हरि प्रसाद चौहान और उमेश शुक्ला पर कार से जान से मारने की नीयत से ले जाने की रिपोर्ट लिखाई।
रिचा का कहना है कि पति और उनकेसाथी कार में बात कर रहे थे कि इसे 20-25 इंजेक्शन लगवा दो, सब ठीक हो जाएगा।
एसओ नजीराबाद वीरेंद्र यादव ने बताया कि रिचा की तहरीर पर संदीप शुक्ला समेत सात लोगों के खिलाफ एकजुट होकर हत्या का प्रयास करना, मारपीट, गाली-गलौच और जान से मारने की धमकी समेत अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है।
उधर गंगाघाट एसओ मोहम्मद अशरफ ने बताया कि चेतन चौहान की टेलीफोनिक तहरीर के आधार पर संदीप शुक्ला के खिलाफ बंधक बनाकर मारपीट, जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज कर लिया गया है। वहीं रिचा के पिता देवेंद्र सिंह राठौर का कहना है कि उन्हें उन्नाव पुलिस पर भरोसा नहीं है।
आरोपी दामाद और अन्य लोग उनकी बेटी को जान से मारने की नीयत से घर से लेकर निकले थे। अगर वह कार से न कूदती तो कहीं रेलवे ट्रैक या गंगा में फेंक दी गई होती। अब वह बेटी ससुराल नहीं भेजेंगे। बेटी को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष करेंगे। रिचा की शादी करीब 19 साल पहले उद्योगपति शिवराज टुबैको के मालिक संदीप शुक्ला से हुई थी।
इनके एक बेटी और एक बेटा है। गुरुवार की रात 80 फिट रोड पर रिचा बदहवास हालत में मिली थी। उन्होंने नजीराबाद पुलिस को बताया था कि पति और ससुराल के लोग जान से मारने की कोशिश कर रहे थे। फिर रुचि को हैलट के पीओपी वार्ड में भर्ती कराया गया था।
शाम को रिचा के पिता देवेंद्र सिंह राठौर, चचेरा भाई अनुज और रिश्तेदार हैलट पहुंचे। रात करीब नौ बजे परिवार वालों ने रिचा को अस्पताल से डिस्चार्ज करा लिया। इसके बाद उसे लेकर सीधे नजीराबाद थाने पहुंचे। देवेंद्र ने सीओ नजीराबाद संजीव कुमार को बताया कि रिचा को जान से मारने की कोशिश की गई है।
रिचा ने मोबाइल पर मां को सेव माई लाइफ का मैसेज भेजा था। इसकी सूचना मां ने अपने भाई पूर्व क्रिकेटर चेतन चौहान को दी थी।
चेतन चौहान ने उन्नाव पुलिस और भाजपा विधायक सतीश महाना को बताया था। इसके बाद गंगाघाट पुलिस ने संदीप के घर में दबिश दी तो संदीप, उसका एक गनर और ड्राइवर रिचा को कार में बैठाकर भाग निकले थे। 80 फिट रोड पर एक बारात के चलते कार की गति धीमी होने पर रिचा दरवाजा खोलकर कूद गई थी।
पिता का कहना है कि बेटी केउत्पीड़न में संदीप केअलावा उनकेपरिवार के कई लोग, गार्ड, ड्राइवर और डॉक्टर भी शामिल रहे हैं। उन्नाव पुलिस दबाव में मामले को रफा-दफा कर सकती है। इसलिए वह नजीराबाद थाने में एफआईआर दर्ज करा रहे हैं।