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यूपी: टीएसआई पर दुष्कर्म का आरोप लगा भतीजी ने लगाई गंगा में छलांग, गोताखोरों ने बचाया, बोली- कई बार की दरिंदगी

Mon, 13 Sep 2021 12:14 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

पीड़िता के अनुसार वह बीच में गर्भवती भी हुई, लेकिन टीएसआई ने गर्भपात करा दिया। 10 सितंबर को टीएसआई ने उसे फिर से किसी काम के बहाने शहर बुलाया। यहां चकेरी  मोड़ स्थित कमरे में ले गया, जहां अपने बेटे के साथ मिलकर मारपीट की।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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कानपुर के चकेरी में भतीजी ने रविवार रात ट्रैफिक  पुलिस में तैनात टीएसआई अपने फूफा गिरजा शंकर त्रिपाठी पर दुष्कर्म का आरोप लगा जाजमऊ गंगापुल से नदी में छलांग लगा दी। मौके पर मौजूद गोताखोरों ने उसे बचा कर पुलिस को सूचना दी।
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पीड़िता ने फूफा के खिलाफ थाने में तहरीर दी है। वहीं, मामले को संज्ञान में लेकर डीसीपी ट्रैफिक ने टीएसआई को देर रात निलंबित कर दिया। चकेरी निवासी पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उनकी ससुराल मिर्जापुर में है। उसके फूफा टीएसआई हैं।

जनवरी में उनकी ड्यूटी प्रयागराज में लगी थी। आरोप है कि उन्होंने उसे परिवार समेत घूमने के लिए प्रयागराज बुलाया था। इस पर वह अपने परिवार के साथ उन्हीं के साथ रुकी थी। पीड़िता के अनुसार टीएसआई ने एक दिन मौका पाकर उन्हें जूस में नशीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया।
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इसके बाद एक होटल में ले जाकर दुष्कर्म किया। साथ ही मोबाइल से उनका अश्लील वीडियो भी बना लिया। वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर कई बार दुष्कर्म किया। पीड़िता के अनुसार वह बीच में गर्भवती भी हुई, लेकिन टीएसआई ने गर्भपात करा दिया।
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10 सितंबर को टीएसआई ने उसे फिर से किसी काम के बहाने शहर बुलाया। यहां चकेरी  मोड़ स्थित कमरे में ले गया, जहां अपने बेटे के साथ मिलकर मारपीट की। उसकी इन हरकतों से तंग आकर खुदकुशी के लिए गंगा में छलांग लगा दी।

गोताखोरों के बचाने केबाद पीड़िता ने टीएसआई गिरजाशंकर तिवारी व उसके बेटे अमित तिवारी केखिलाफ एफआईआर दर्ज की है। वहीं, डीसीपी पूर्वी प्रमोद कुमार की रिपोर्ट केआधार पर डीसीपी ट्रैफिक बीबीजीटीएस मूर्ति ने टीएसआई को निलंबित कर दिया है।

112 पर सूचना देने के बाद लगाई छलांग
पुलिस केअनुसार पीड़िता ने गंगा में छलांग लगाने से पहले पुलिस कंट्रोल रूम 112 पर कॉल कर खुदकुशी करने की जानकारी दी थी। इस पर पुलिस तुरंत मौकेपर पहुंची और गोताखोरों की मदद से उसकी जान बचा ली। 
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