कानपुर के सचेंडी थाना क्षेत्र के कटरा घनश्याम इलाके में गुरुवार की सुबह दर्दनाक हादसे ने लोगों का दिल दहला दिया। सीवर टैंक की सफाई करने उतरी मां और उसके दो बेटों ने दम तोड़ दिया। घटना के दौरान महिला का सबसे छोटा बेटा मौके पर ही मौजूद था। मां और भाईयों को तड़पते देख उसने लोगों से मदद की गुहार लगाई, लेकिन निराशा ही हाथ लगी। सूचना मिलने के बाद इलाकाई पुलिस करीब एक घंटे बाद मौके पर पहुंची। तबतक तीनों की सांसे थम चुकी थी। मरने वालों में मालती (40), कल्लू (22), अरविंद्र (20) हैं। कल्लू और अरविंद्र क्षेत्र के ही बाजार में सैलून चलाते हैं। जबकि मालती पति के साथ खेती करती थी।
और इस तरह बच गया मासूम
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दरअसल सीवर टैंक की सफाई के लिए गुरुवार की सुबह सबसे पहले मालती का सबसे छोटा बेटा नरेंद्र (12) ही टैंक में उतरा था, लेकिन कुछ ही देर में उसे चक्कर आने लगा और वह बाहर आ गया। यह देख दूसरे नंबर पर अरविंद्र नीचे उतरा। काफी देर तक अरविंद्र की कोई खबर न लगने पर कल्लू भी नीचे उतर गया। दोनों ही अंदर बेहोश हो गए। दोनों बेटों को आवाज लगाने के बाद मालती भी उन्हें निकालने के लिए अंदर कूद पड़ी और इस तरह तीनों की मौत हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने सभी के शव को हिरासत में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पलभर में मातम में बदल गई खुशियां
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गुरुवार को देशभर में जन्माष्टमी की खुशियां मनाया जा रहा है। मालती के परिवार में भी खुशियों का माहौल था। लेकिन इस हादसे ने पल भर में उनकी खुशियों को मातम में बदल दिया। मासूम के चीख से पूरा क्षेत्र दहल उठा। सूचना मिलते ही मालती के पति और बेटी भी मौके पर पहुंच गए। स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की निरंकुशता पर आक्रोश व्यक्त किया। आरोप लगाया कि अगर सूचना मिलते ही पुलिस पहुंच गई होती तो सभी को बचाया जा सकता था।