‘शहर के सलमान कांड’ में दो मजदूरों को रौंदने वाली कार को कारोबारी सुधीर शाह का बेटा अंशुल चला रहा था। बेटे को बचाने के लिए सुधीर शाह ड्राइवर ओम प्रकाश पर आरोप मढ़ रहे थे लेकिन पुलिस ने मोबाइल की कॉल डिटेल और सर्विलांस के जरिए आरोपी का पता लगा लिया।
कोहना पुलिस ने अब उतावलेपन से वाहन चलाकर मृत्यु कारित करने की धारा 304 ए के मामले को गैर इरादन हत्या (आईपीसी की धारा 304) में तरमीम कर दिया है। पुलिस ने अंशुल को दबोचने के लिए घर में दबिश दी पर वह हाथ नहीं लगा है।
तिलक नगर में गोपालय गेस्ट हाउस के सामने नौ मई की रात एक अनियंत्रित कार ने फुटपाथ पर सो रहे दो मजदूरों राजाराम सैनी और लल्ली पांडेय को कुचल दिया था। दोनों की मौत हो गई थी। हादसे के बाद कार की नंबर प्लेट मौके पर गिर गई थी।
बाद में कोहना पुलिस ने आर्यनगर के आनंद एमवीआर अपार्टमेंट की पार्किंग से मजदूरों को कुचलने वाली कार बरामद कर ली थी लेकिन असल में हादसे के समय कार कौन चला रहा था, इसका पता अब चला है। कई दिन बाद कार के मालिक सुधीर शाह पुलिस के संपर्क में आए।
उन्होंने ड्राइवर सफीपुर उन्नाव निवासी ओम प्रकाश को हादसे का जिम्मेदार ठहराया था पर पुलिस को सुधीर शाह की बातों पर यकीन नहीं था। मोबाइल की कॉल डिटेल और सर्विलांस की मदद से साफ हो गया है कि कार सुधीर का बेटा अंशुल चला रहा था। अंशुल के मोबाइल की लोकशन हादसे वाले समय घटनास्थल पर ही मिली है।
एसएसपी ने बताया कि विवेचना में अंशुल शाह का नाम खोल दिया गया है। आरोपी अंशुल की तलाश की जा रही है। इसके बाद कार के मालिक की भूमिका की जांच होगी।