रूरा थाना क्षेत्र के उलरापुर गांव में मंगलवार शाम रजिंश को लेकर दो पक्षों में हुई मारपीट और फायरिंग में एक की मौत हो गई। फायरिंग में प्रधान का भतीजा भी गंभीर रूप से जख्मी हो गया।
उसे जिला अस्पताल ले गए जहां से कानपुर रेफर कर दिया गया है। इधर, पुलिस ने मामले में चार लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस अधीक्षक ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
दोनों पक्षों की ओर से रिपोर्ट दर्ज करवाई गई है। वहीं आरोपी ग्राम प्रधान फरार है। मालूम हो कि कस्बे के उलरापुर गांव के ग्राम प्रधान राघवेंद्र सिंह की बहन की शादी 15 जून को थी।
जिसमें गांव के रामबहादुर और उसका बेटा रविशंकर आमंत्रित थे। शादी समारोह में खाना खाने को लेकर दोनों की राघवेंद्र से कहासुनी हो गई। बात बढ़ने पर राघवेंद्र और उसके रिश्तेदारों ने दोनों को पीट भी दिया।
रामबहादुर का बड़ा पुत्र कृपाशंकर पहुंचा तो उसे भी पीटा था। इस मामले में बीती 20 जून को ग्राम प्रधान राघवेंद्र सिंह ने कृपाशंकर के खिलाफ मारपीट करने व शादी में व्यवधान डालने की शिकायत दर्ज कराई।
लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। मंगलवार को बाजार से सब्जी लाते समय कृपाशंकर ग्राम प्रधान राघवेंद्र सिंह के घर के सामने से गुजर रहा था।
तभी प्रधान व उसके भतीजे पुष्पेंद्र सिंह व अन्य रिश्तेदारों से कृपाशंकर की कहासुनी हो गई। आवेग में आकर कृपाशंकर ने ग्राम प्रधान के भतीजे पुष्पेंद्र पर तमंचे से फायर झोंक दिया, जिसमें वह जख्मी हो गया।
यह देखकर तैश में आए ग्राम प्रधान पक्ष के लोगों ने लाइसेंसी बंदूक से उस पर फायरिंग की और घसीटते हुए उसे एक कमरे में बंदकर जमकर पीटा। मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह से कृपाशंकर को कमरे से बाहर निकला।
तब तक वह गंभीर रूप से घायल हो चुका था। उपचार के लिए अस्पताल ले जाते समय कृपाशंकर ने दम तोड़ दिया। मौत की सूचना मिलते ही ग्रामीण भड़क उठे और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करने लगे।
बताया गया है कि सीओ के पहुंचने पर किसी तरह से कृपाशंकर को कमरे से निकाला गया। थानाध्यक्ष अनूप कुमार दुबे ने बताया कि कृपाशंकर को प्रधान पक्ष के लोगों ने कमरे में बंदकर लोहे की रॉड से बुरी तरह से पीटा है।
बताया कि राघवेंद्र के भाई रामचंद्र सिंह, शैलेंद्र सिंह, शिवम व एक अन्य को हिरासत में लिया गया है। देररात रामबहादुर की ओर से ग्राम प्रधान राघवेंद्र के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज करवाई गई है।
दूसरे पक्ष की ओर से रामचंद्र ने राम बहादुर और रविशंकर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई गई है। घटनास्थल पर पहुंचे पुलिस अधीक्षक सभाराज सिंह ने कृपाशंकर के परिवार से पूछताछ की और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
पहले दर्ज हुई मारपीट की शिकायत पर कार्रवाई ना करने पर एसपी ने थानाध्यक्ष से नाराजगी जताई। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मामले में चार लोगों को हिरासत में लिया गया है। लाइसेंसी बंदूक व राइफल निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।