गोविंद नगर में शुक्रवार देर रात दो अज्ञात युवकों ने नौ वर्षीय बालिका को अगवाकर उससे गैंगरेप किया और बदहवास हालत में उसे छोड़कर भाग निकले। पीड़ित परिवार ने पड़ोसियों की मदद से पुलिस को सूचना दी तो मौके पर पहुंची गोविंद नगर पुलिस ने इसे छेड़खानी का मामला बताते हुए पॉस्को एक्ट की धाराओं में केस दर्ज किया है। इसे लेकर पीड़ित परिवार के साथ मोहल्ले वाले नाराज हैं।
पीड़ित बालिका एक मजदूर की बेटी है। मजदूर झोपड़ी बनाकर गोविंद नगर इलाके में पत्नी और तीन बच्चियों के साथ रहता है। वह शुक्रवार को बड़ी बेटी के साथ पैतृक गांव गया हुआ था। घर पर पत्नी और दो बेटियां थीं। मजदूर की पत्नी ने बताया कि शुक्रवार रात वह तीन साल की छोटी बेटी के साथ चारपाई पर सो रही थी, जबकि मझली बेटी बगल ही दूसरी चारपाई पर अकेले सो रही थी। मां ने बताया कि देर रात दो अज्ञात युवक मझली बेटी को उठाकर ले गए और उससे दुराचार किया। गैंगरेप के बाद बदहवास हालत में आरोपी उसे छोड़कर भाग निकले। कुछ देर बाद वह लड़खड़ाते हुए घर पहुंची और आपबीती बताई। बेटी की हालत देखकर परिजनों सहित मुहल्ले के लोगों की भी रूह कांप उठी।
एक बच्ची को घर के बाहर से अगवा करके दो युवकों ने छेड़खानी और अश्लीलता की थी। पीड़ित की तहरीर पर दोनो अज्ञात युवकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर तलाश की जा रही है। -विनोद मिश्रा, गोविंद नगर एसओ
न मेडिकल कराया और न कब्जे में लिए कपड़े
बालिका के साथ हुए गैंगरेप की घटना को गोविंदनगर पुलिस ने पूरी तरह दबाने की कोशिश की। पुलिस ने न तो बालिका का मेडिकल कराया और न ही उसके कपड़ों को कब्जे में लेकर उसकी फोरेंसिक जांच कराने की कोशिश की। मामला दबाने के लिए पुलिस शुरू से लेकर आखिरी तक घटना को छेड़खानी ही दर्शाती रही। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के बजाए मामले को दबाने में लग गई।
पीड़ित परिवार के लिए अशिक्षा बनी अभिशाप
मासूम बेटी के साथ हुए गैंगरेप में पीड़ित परिवार के लिए अशिक्षा अभिशाप बन गई। परिजनों के पढ़े-लिखे नहीं होने का पुलिस ने भी सीधा फायदा उठाया। मासूम के पिता ने बताया कि पुलिस ने बहनोई से बोलकर तहरीर लिखवाई और अंगूठा लगवा लिया। उन्हें तो यह भी पता नहीं की रिपोर्ट किन धाराओं में हुई है। पुलिस ने जो बता दिया बस उसी पर न्याय की आस लगाकर बैठ गए हैं।