फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कार में कत्ल की गई थी ईशा

Sun, 24 May 2015 03:37 AM IST
अमर उजाला कानपुर
विज्ञापन
विज्ञापन
दरोगा ज्ञानेंद्र सिंह की पत्नी ईशा की हत्या साकेत नगर के एक ट्रैवल्स एजेंसी संचालक की स्विफ्ट कार में हुई थी। इसी कार से उसे कौशांबी ले जाकर फेंका गया था। इस दौरान दरोगा के मोबाइल की लोकेशन भी ट्रैवल्स एजेंसी संचालक के साथ मिली है। इस आधार पर पुलिस मान रही है कि ईशा की हत्या में दरोगा और ट्रैवल्स एजेंसी संचालक दोनों ही शामिल हैं। खून लगी कार को साकेत नगर में धोया गया था। धोने के लिए  संचालक ने अपने करीबी तीन लोग लगाए थे। वहीं ईशा के लूटे गए जेवर नौबस्ता के एक कथित पत्रकार की निशानदेही पर बरामद हुए हैं। काकादेव पुलिस और क्राइम ब्रांच चार आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
विज्ञापन

पुलिस सूत्रों के मुताबिक ईशा हत्याकांड में काकादेव पुलिस और क्राइम ब्रांच की तहकीकात में पता चला है कि दरोगा ज्ञानेंद्र ने सास विनीता सचान की  कार से ईशा को ले जाने के बाद रास्ते में साकेत नगर निवासी ट्रैवल्स संचालक मनीष कठेरिया को कार समेत बुलाया। यहां से दरोगा ने अपनी कार वापस करा दी और मनीष की स्विफ्ट कार में वह पत्नी ईशा के साथ सवार हो गया। ईशा ने वजह पूछी तो बताया कि सास की कार में कुछ तकनीकी खराबी है और मनीष मंदिर का रास्ता जानता है। इसके बाद मौका पाकर रास्ते में कहीं ईशा की हत्या कर दी गई और सिर कहीं और फेंका गया जबकि धड़ को कौशांबी के महेवा घाट के पास फेंका गया। सिर का अब तक पता नहीं चला है। सूत्रों की माने तो कपड़े, जेवर इसलिए उतारे गए कि शव की पहचान न हो और मामला अवैध संबंध का लगे। सूत्रों के मुताबिक पुलिस ने सबसे पहले ज्ञानेंद्र के संपर्क सूत्र तलाशे। इसी दौरान मनीष का नाम ज्ञानेंद्र के करीबियों में आया। मनीष की साकेत नगर में टेलीकॉम विला नाम से मोबाइल शॉप और बालाजी ट्रैवेल्स नाम से एजेंसी है। इसी आधार पर पुलिस ने मनीष के घर दबिश दी तो वह नहीं मिला।
पुलिस ने उसकी मां को उठाया तो पूछताछ में उन्होंने मनीष के करीबी किदवई क्षेत्र के अर्जुन धानुक, विनय, देवनाथ का नाम बताया। तीनों को पुलिस ने उठाया तो पता चला कि तीनों ने खून से सनी मनीष की कार धोई थी। उधर, ईशा के जेवर नौबस्ता इलाके में रहने वाले कथित पत्रकार ऋषभ मिश्र के पास रखवाए गए थे। पुलिस ने ऋषभ को पकड़ा और उसकी निशानदेही पर जेवर बरामद कर लिए हैं। जेवर देखकर लग रहा है कि ईशा के शरीर से इन्हें तोड़कर निकाला गया है। मनीष की एक कार भी कब्जे में ली गई है। पुलिस सूत्रों की मानें तो विवेचना में मनीष कठेरिया का नाम भी जोड़ा जाएगा। इस मामले में ज्ञानेंद्र के कई मददगारों की पुलिस तलाश कर रही है।
विज्ञापन

ईशा का सिर कटा शव 19 मई को कौशांबी के महेवा घाट थाने के निकट पाया गया था। ईशा काकादेव नवीन नगर निवासी विनीता सचान की बेटी थी। दरोगा ज्ञानेंद्र सिंह ने 10 मार्च 2013 को अपनी पहली पत्नी नीलम से शादी की बात छिपाते हुए ईशा से विवाह किया था। इनके एक बेटी सान्या (डेढ़ साल) है। बाद में दूसरी शादी की जानकारी होने पर ईशा ज्ञानेंद्र से झगड़ा करके मायके आ गई। ज्ञानेंद्र ने 17 मई को ईशा के घर आकर उससे समझौता किया। 18 मई को कूष्मांडा देवी दर्शन के बहाने उसे  कार से अपने साथ ले गया। तब से ईशा लापता थी। शनिवार को काकादेव पुलिस ने दरोगा ज्ञानेंद्र सिंह के खिलाफ दूसरी शादी छिपाने की धारा में दर्ज मामले में अपहरण, हत्या और शव छिपाने की धारा बढ़ा दी थी ।

एक नंबर से तीन कारें चलवाता है मनीष
मनीष कठेरिया शातिर है। पुलिस को पड़ताल में पता चला कि जिस कार में ईशा की हत्या हुई उस कार का नंबर तीन अन्य कारों में भी चल रहा है। यह तीनों वाहन मनीष के हैं। खास बात है कि तीनों कार स्विफ्ट वीडीआई हैं। अब सवाल यह है कि तीन वाहनों में एक ही नंबर की प्लेट लगाने के पीछे वजह क्या है। कहीं ये वाहन चोरी के तो नहीं या दो वाहनों का रजिस्ट्रेशन नहीं कराकर सरकार को चूना लगाया जा रहा है। यह पुलिस की जांच का विषय है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें