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जानवरों की तरह वैन में भर रखे थे स्कूली बच्चे, पांच गाड़ियां सीज

Fri, 20 Jan 2017 11:40 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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एटा स्कूल बस हादसे के बाद प्रशासन चौकन्ना - फोटो : अमर उजाला
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एटा स्कूल बस हादसे के बाद परिवहन विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों की नींद टूटी है। बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन अब थोड़ा चौकन्ना हुआ है। स्कूली वाहनों पर अब पुलिस की नजर भी पड़ने लगी है। शुक्रवार को औरैया तहसील से एक मारुति वैन बच्चों को लेकर निकली। इसमें क्षमता से अधिक बच्चे बैठे होने पर सीओ ने वैन को सीज कर दिया।  
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भीखेपुर स्थित ग्लोबल एकेडमी के बच्चों को लेकर जा रही मारुति वैन तहसील परिसर से गुजरी। यहां बैठे सीओ व एसडीएम अमित राठौर की नजर वैन पर पड़ी। इन्होंने वैन को रुकवा लिया। वैन में क्षमता से अधिक बच्चे बैठे थे। वैन स्कूली वाहन के तौर पर पंजीकृत भी नहीं थी। चालक स्कूल के कागज भी नहीं दिखा सका।  इस पर सीओ ने मारुति वैन को सीज कर दिया। साथ ही बच्चों के अभिभावकों को भी सूचित किया गया। एसडीएम अमित राठौर ने बताया कि क्षेत्र के सभी स्कूलोें के वाहन चेक किए जाएंगे। सीओ ने बताया कि चेकिंग के दौरान  मानकों का पालन न करने वाले वाहनों को सीज किया जाएगा। 
स्कूली वाहनों के खिलाफ ऐसे चला अभियान 
एआरटीओ ने स्कूली वाहनों की सड़क पर चेकिंग की। स्कूलों में भी वाहन चेकिंग अभियान चला। आधे से अधिक वाहन फिटनेस के अनुरूप नहीं पाए गए। सख्ती से चले अभियान के कारण कई स्कूल संचालकों ने अपने वाहनों को गोपनीय स्थानों पर खड़ा करा दिया था। 
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शुक्रवार की सुबह एआरटीओ मनोज कुमार ने दिबियापुर तिराहे पर स्कूली वाहनों को चेक करना शुरू किया। तभी डीएम के बालाजी ने उन्हें निर्देशित किया कि स्कूलों में जाकर वाहनों की फिटनेस चेक करें। 
स्कूलों में वाहन चेकिंग अभियान शुरू होते ही संचालकों में हड़कंप मच गया। संचालकों ने कंडम वाहनों को आनन-फानन में स्कूल से हटवाया। एआरटीओ ने ज्ञान स्थली, सेंट फ्रांसेस स्कूलों में वाहनों को चेक किया। चालकों के लाइसेंस के साथ-साथ गाड़ी की फिटनेस, गाड़ी की स्थिति,बच्चों के बैठने की सीटें, शीशे चेक किए गए। एआरटीओ ने बताया कि चेकिंग के दौरान पांच वाहनों को सीज किया गया। इनमें दो बसें और तीन मैजिक व वैन हैं। इनकी फिटनेस समाप्त हो चुकी थी। इसके बाद भी इनसे बच्चे ले जाए जा रहे थे। उन्होंने बताया कि 15 वाहनों का चालन किया गया। तीन वाहनों की फिटनेस निरस्त की गई। यह वाहन सड़क पर चलने लायक नहीं थे। इन्हें संचालक जबरन चला रहे थे। एआरटीओ ने बताया कि वाहन चेकिंग अभियान सख्ती से सभी कस्बों में चलाया जाएगा। 
खराब गाड़ियों में न भेजें बच्चे  
एआरटीओ मनोज कुमार ने बच्चों के अभिभावक ों को खराब गाड़ियों में स्कूल न भेजने की नसीहत दी है। उन्होंने कहा कि  अगर संचालक उन पर दबाव बनाता है तो इसकी जानकारी लिखित रूप से दें। संचालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 
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