‘अमर उजाला’ में समाचार प्रकाशित होने के बाद बांदा के कांग्रेसी नेता संजीव अवस्थी को नकली नोट मामले में फंसाने के आरोपी इंस्पेक्टर दिनेश त्रिपाठी, एसआई दिलीप वर्मा और भारत सिंह समेत सात पुलिसकर्मियों और पुलिस की तरफ से गवाह बने पब्लिक के दो लोगों के खिलाफ कोर्ट के आदेश की अवेहलना का मामला दर्ज हो गया है।
कलक्टरगंज पुलिस ने इन सभी पर धारा 174 ए लगाई है। विवेचक ईओडब्लू के इंस्पेक्टर राकेश रैना ने बुधवार को थाने में तहरीर दी थी। अब विवेचक आरोपियों के खिलाफ कुर्की (धारा 83) के लिए कोर्ट में आवेदन करेंगे।
घंटाघर चौराहे के पास से पुलिस ने संजीव अवस्थी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया था। संजीव से करीब साढ़े चार लाख रुपये कीमत के नकली नोट बरामद किए जाने का दावा तत्कालीन कलक्टरगंज थानाप्रभारी दिनेश त्रिपाठी ने किया था।
बाद में सुप्रीम कोर्ट ने जांच ईओडब्लू को सौंपी। के निर्देश दिए थे। अब विवेचना ईओडब्लू के इंस्पेक्टर राकेश रैना कर रहे हैं। विवेचक अपनी जांच में संजीव को क्लीन चिट दे चुके हैं।
संजीव की गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम और गवाह को दोषी माना है। इनके खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल हो चुकी है। किसी आरोपी की गिरफ्तारी आज तक नहीं हुई। विवेचक एनबीडब्लू का तामीला भी करा चुके हैं।
धारा 82 कुर्की का नोटिस भी जारी हो चुका है। फिर भी आरोपी हाजिर नहीं हुए। बुधवार को विवेचक ने फरार आरोपियों के खिलाफ कलक्टरगंज थाने में कोर्ट की अवमानना की तहरीर दी लेकिन रिपोर्ट नहीं लिखी गई।
‘अमर उजाला’ ने शुक्रवार के अंक में यह मामला उठाया तो रिपोर्ट लिखी गई। एसओ कलक्टरगंज डीपी शुक्ला ने बताया कि ईओडब्लू के विवेचक इंस्पेक्टर राकेश रैना की तहरीर पर इंस्पेक्टर दिनेश त्रिपाठी समेत सात पुलिस कर्मियों और पब्लिक के दो लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।