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तीन सेवादारों ने ही कर दिया था ‘दिव्यानंद स्प्रिचुअल फाउंडेशन’ एमडी का कत्ल, कारण जानकर सब हैरान

Thu, 21 Sep 2017 09:57 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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हत्याकांड का खुलासा करते एसपी विपिन कुमार मिश्र, मौजूद हत्यारोपी। - फोटो : अमर उजाला
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स्प्रिचुअल फाउंडेशन की एमडी दयारानी की हत्या तीन सेवादारों ने अपने गुरु दिव्यानंद की हत्या का इंतकाम लेने के लिए की थी। पूछताछ में तीनों आरोपियों ने एमडी दयारानी पर गुरु की हत्या करवाने का आरोप लगाया है। एक आरोपी ने खुद को गुरु की हत्या का चश्मदीद बताया है। एसपी ने गुरुवार को पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता कर हत्याकांड का खुलासा किया। मामला यूपी के हरदोई जिले का है। 
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हरदोई संडीला कोतवाली क्षेत्र के संत कृपाल नगर में दिव्यानंद स्प्रिचुअल फाउंडेशन संचालित है। एमडी दयारानी (65) की पहली सितंबर को हत्या कर दी गई थी। दो सितंबर की सुबह उनका खून से लथपथ शव आश्रम के मुख्य भवन की दूसरी मंजिल पर बने कमरे में पड़े बेड़ पर मिला था। दयारानी के भाई विजय की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था।

गुरुवार को पुलिस लाइन में एसपी विपिन कुमार मिश्र ने बताया कि इस मामले में पुलिस ने बुधवार को आश्रम के पुराने सेवादार मुजफ्फरनगर के मुड़हर निवासी तेजवीर सिंह पुत्र बाबूराम, सिद्धार्थनगर के खतौली मिश्र निवासी विनोद पुत्र पंचम और शाहजहांपुर के हरपला निवासी सुरेंद्र यादव उर्फ छोटू पुत्र स्व. बृजपाल सिंह को आश्रम के पीछे नहर पटरी के पास से दबोचा था। तीनों भागने की फिराक में थे। 
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एसपी ने बताया कि पूछताछ में तीनों ने दयारानी की हत्या की बात स्वीकार की है। बताया कि करीब तीन साल पहले 2014 में आश्रम संचालक व गुरु महाराज स्वामी दिव्यानंद की संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। तेजवीर के अनुसार दयारानी ने ही गुरु की हत्या कराई थी। गुरु की हत्या का इंतकाम लेने के लिए तेजवीर ने दो अन्य सेवादार विनोद और सुरेंद्र के साथ साजिश रची थी।

एक सितंबर की शाम दयारानी के कमरे से बाहर निकलने के दौरान तीनों जीने की सीढ़ियों के पास छिप गए थे। दयारानी के कमरे के पास पहुंचते ही तेजवीर ने उससे अंदर धक्का दे दिया। इसके बाद तीनों ने उसकी गला दबाकर हत्या कर दी थी। एसपी ने बताया कि आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है। आरोपियों के पास से एक तौलिया, रुमाल, सर्जिकल ग्लब्स और एक फोटो एलबम मिला है। एसपी के अनुसार दिव्यानंद मामले में उस समय किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया गया था। इसके चलते फौरी जांच हुई थी। यदि ऐसी बात है तो जांच कराई जाएगी।
 
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सबसे पुराना सेवादार है तेजवीर

दिवानंद स्पिल्टल फाउंडेशन के एमडी हत्याकांड का पुलिस ने किया खुलासा
तेजवीर गुरु महाराज स्वामी दिव्यानंद का शिष्य है। वह आश्रम का सबसे पुराना सेवादार है। आश्रम में सेवादारों के लिए कमरे भी बने हैं। इसमें संत कृपाल भवन की ऊपर की मंजिल पर बने जिस कमरे में दयारानी रहती थी। तेजवीर का कमरा ठीक उसके  सामने बना है।

अपनी आंखों से देखी थी गुरु की हत्या 
बकौल एसपी पूछताछ में तेजवीर ने गुरु की हत्या का इंतकाम लेने के लिए दयारानी की हत्या करने की बात कही है। उसका कहना है कि दयारानी ने ही उसके गुरु दिव्यानंद की हत्या कराई थी। इसका वह चश्मदीद गवाह है। उसने दूसरे गुट के लोगों को खिड़की से गुरु की हत्या करते देखा था।

तीन दिन की थी रेकी
पुलिस का यह भी दावा है कि लगभग डेढ़ महीना पहले तेजवीर ने विनोद व सुरेंद्र के साथ दयारानी की हत्या की साजिश रची थी। इसके तहत तीनों आश्रम में अपने कमरों में रहने लगे थे। हत्याकांड से पहले तीन दिन तक दयारानी की रेकी की थी। 

तेजवीर ने सुरक्षित रखी हैं गुरु की अस्थियां
एसपी ने दावा किया कि दिव्यानंद का अंतिम संस्कार होने के बाद  तेजवीर ने उनकी अस्थियां सुरक्षित कर ली थीं, जो कि अभी भी उसके पास हैं। उसने गुरु की हत्यारों को मौत के घाट उतारने के बाद गुरु की अस्थियों की विसर्जन का प्रण लिया था। फिलहाल अभी अस्थितयां नहीं बरामद की जा सकी हैंा 

ढाबा संचालक की हत्या की साजिश
एसपी ने दावा किया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों ने पूछताछ में दूसरे गुट के एक अन्य सदस्य की भी हत्या करने की साजिश रची थी। यह ढाबा संचालक है जो कि दयारानी का काफी नजदीकी बताया जा रहा है। तेजवीर के अनुसार ढाबा संचालक भी गुरु की हत्या की साजिश में शामिल रहा है।
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