हत्याकांड का खुलासा करते एसपी विपिन कुमार मिश्र, मौजूद हत्यारोपी।
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स्प्रिचुअल फाउंडेशन की एमडी दयारानी की हत्या तीन सेवादारों ने अपने गुरु दिव्यानंद की हत्या का इंतकाम लेने के लिए की थी। पूछताछ में तीनों आरोपियों ने एमडी दयारानी पर गुरु की हत्या करवाने का आरोप लगाया है। एक आरोपी ने खुद को गुरु की हत्या का चश्मदीद बताया है। एसपी ने गुरुवार को पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता कर हत्याकांड का खुलासा किया। मामला यूपी के हरदोई जिले का है।
हरदोई संडीला कोतवाली क्षेत्र के संत कृपाल नगर में दिव्यानंद स्प्रिचुअल फाउंडेशन संचालित है। एमडी दयारानी (65) की पहली सितंबर को हत्या कर दी गई थी। दो सितंबर की सुबह उनका खून से लथपथ शव आश्रम के मुख्य भवन की दूसरी मंजिल पर बने कमरे में पड़े बेड़ पर मिला था। दयारानी के भाई विजय की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था।
गुरुवार को पुलिस लाइन में एसपी विपिन कुमार मिश्र ने बताया कि इस मामले में पुलिस ने बुधवार को आश्रम के पुराने सेवादार मुजफ्फरनगर के मुड़हर निवासी तेजवीर सिंह पुत्र बाबूराम, सिद्धार्थनगर के खतौली मिश्र निवासी विनोद पुत्र पंचम और शाहजहांपुर के हरपला निवासी सुरेंद्र यादव उर्फ छोटू पुत्र स्व. बृजपाल सिंह को आश्रम के पीछे नहर पटरी के पास से दबोचा था। तीनों भागने की फिराक में थे।
एसपी ने बताया कि पूछताछ में तीनों ने दयारानी की हत्या की बात स्वीकार की है। बताया कि करीब तीन साल पहले 2014 में आश्रम संचालक व गुरु महाराज स्वामी दिव्यानंद की संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। तेजवीर के अनुसार दयारानी ने ही गुरु की हत्या कराई थी। गुरु की हत्या का इंतकाम लेने के लिए तेजवीर ने दो अन्य सेवादार विनोद और सुरेंद्र के साथ साजिश रची थी।
एक सितंबर की शाम दयारानी के कमरे से बाहर निकलने के दौरान तीनों जीने की सीढ़ियों के पास छिप गए थे। दयारानी के कमरे के पास पहुंचते ही तेजवीर ने उससे अंदर धक्का दे दिया। इसके बाद तीनों ने उसकी गला दबाकर हत्या कर दी थी। एसपी ने बताया कि आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है। आरोपियों के पास से एक तौलिया, रुमाल, सर्जिकल ग्लब्स और एक फोटो एलबम मिला है। एसपी के अनुसार दिव्यानंद मामले में उस समय किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया गया था। इसके चलते फौरी जांच हुई थी। यदि ऐसी बात है तो जांच कराई जाएगी।