प्रतिबंध के बाद पैकी जुलूस को ढकनापुरवा की ओर ले गए। पुलिस को रोका तो पैकी उखड़ गए और जुलूस इसी रास्ते से इमामबाड़ा ले जाने की बात पर अड़ गए। इस पर पुलिस वालों ने लाठी चला दी। इससे अफरा -तफरी मच गई।
पुलिस ने बड़ी मशक्कत के बाद पैकियों जुलूस का निधार्रित मार्ग की तरफ भेज दिया। भगदड़ और लाठी लगने से तीन लोगों घायल हुए हैं। घटना की सूचना पाकर शहर काजी और पुलिस एवं प्रशासनिक अफसरों ने मौके पर पहुंचकर मामला शांत कराया।
उधर, इसी क्षेत्र के मुंशीपुरवा में चल रही दुर्गा पूजा के सामने से पैकियों का जुलूस निकलने पर दो संप्रदाय के लोग आमने-सामने आ गए। इससे तनाव हो गया। इसी बीच पुलिस वालों ने वहां पहुंचकर स्थिति को संभाला।
मीरपुर कैंट के कीलवाला हाता से निकले पैकियों का जुलूस को टीपी नगर हुसैनी पार्क स्थित इमाम बाड़ा जाना था। जुलूस तय मार्ग की बजाय ढकनापुरवा की तरफ मुड़ गया। पैकियों की सुरक्षा में तैनात पुलिस कर्मियों ने जुलूस को तय मार्ग से ले चलने को कहा तो विवाद हो गया। पैकियों का कहना था कि हर साल इसी मार्ग से जुलूस इमामबाड़ा जाता रहा है।
इस बार भी इसी रास्ते से जुलूस जाएगा। पुलिसकर्मियों ने दुर्गा पूजा पंडालों और जुलूस के खलीफा से हुई बातचीत का हवाला देकर जुलूस मोड़ने को कहा लेकिन पैकी राजी नहीं हुए। मौकेकी नजाकत देख बाबूपुरवा सीओ ज्ञानेंद्र सिंह ने सहकर्मियों के साथ जुलूस को तय मार्ग की तरफ मोड़ने की कोशिश की तो विवाद हो गया।
इस पर पुलिस वालों ने लाठी चला दी। इससे पैकियों और जुलूस में शामिल लोगों में भगदड़ मच गई। इसी बीच पुलिस ने पैकियों के जुलूस को निधार्रित मार्ग पर पहुंचा दिया। पैकियों ने पुलिस पर लाठीचार्ज करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि लाठीचार्ज में ढ़कनापुरवा निवासी नफीस अहमद, मोहम्मद सैफ समेत तीन लोग घायल हुए हैं।
वहीं सीओ ने लाठीचार्ज से इनकार किया है। उनका कहना है कि धक्का-मुक्की और अफरा-तफरी में लोगों को चोट आई है। देर रात जुलूस इमामबाड़ा चला गया लेकिन ढकनापुरवा में पुलिस और धार्मिक नेताओं के बीच बातचीत चलती रही।
उधर, बाबूपुरवा मुंशी पुरवा स्थित गौतम पार्क में चल रही दुर्गा पूजा के सामने से पैकियों का जुलूस पहुंच गया। इसका एक संप्रदाय के लोगों ने विरोध किया तो दोनों पक्ष के लोग आमने-सामने आ गए।
तनाव की सूचना पाकर पुलिस पहुंची और स्थिति को समय रहते संभाल लिया। जुलूस बाबूपुरवा से छोटी बजरिया होते हुए सुजातगंज जा रहा था। देर रात अचानक जुलूस आजाद नगर से होते हुए मुंशी पुरवा पार्क के सामने पहुंच गया था।