फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पुलिस हिरासत में मौत,भारी बवाल

Fri, 05 Aug 2016 01:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो कानपुर
विज्ञापन
अहिरवां चौकी में युवक की मौत के बाद आक्रोशित भीड़ ने किया पुलिस पर पथराव, हाईवे पर लगाया जाम। - फोटो : amarujala
विज्ञापन
कानपुर। चकेरी की अहिरवां चौकी में लूट के आरोप में पकड़ कर लाए गए दलित युवक कमल बाल्मीकि (26) की मौत के बाद गुरुवार को भारी बवाल हो गया। उसके परिजनों, मोहल्ले वालों ने थाना-चौकी घेरकर हंगामा किया। इसी बीच एक अन्य  दलित युवक राजू मिस्त्री की भी इसी चौकी में मौत की अफवाह उड़ गई तो उसके भी परिजन और मोहल्ले वाले भी सड़क पर आ गए। कानपुर-इलाहाबाद हाईवे जाम कर वाहनों और पुलिस पर पथराव कर दिया गया। भीड़ ने चकेरी थाने-अहिरवां चौकी पर भी पथराव किया।
विज्ञापन

देर शाम तक बवाल चलता रहा तो पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। भीड़ ने फिर पथराव किया। भाजपा-बसपा के नेता सतीश महाना और मनोज शुक्ला भी समर्थकों सहित आपस में भिड़ गए। फिर जाम में शामिल हुए। बवाल में कई पुलिसकर्मियों समेत एक दर्जन से ज्यादा लोग चुटहिल हुए हैं। एसएसपी ने एसओ चकेरी जीवाराम यादव, अहिरवां चौकी इंचार्ज समेत पूरी चौकी सस्पेंड की है, इसमें 12 सिपाही हैं। इसके अलावा चकेरी थाने की स्पेशल टीम के एक सिपाही जनार्दन को भी सस्पेंड किया गया है। पुलिस ने अहिरवां चौकी स्टाफ को बचाते हुए सिर्फ स्पेशल टीम के सिपाही सिपाही जनार्दन, मुखबिर कमल कुरील, विश्राम और 5-6 अन्य लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की। राजू मिस्त्री की तलाश की जा रही है लेकिन परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने उसे पीट-पीट कर मार डाला है।

कहां है राजू
चकेरी की एक लूट को खोलने के लिए पुलिस ने दलित कमल और राजू मिस्त्री को उठाया था। सूत्रों ने बताया कि बुधवार रात पुलिस पिटाई के दौरान राजू के साथ कोई अनहोनी हो गई तो पुलिस वाले भाग निकले। इसके बाद डर के मारे कमल फांसी पर लटक गया। चूंकि दोनों को उठाने की जानकारी आला अफसरों को नहीं दी गई थी इसलिए अफसरों को पता ही नहीं था कि कौन मरा और कौन लापता है।
विज्ञापन



अहिरवां चौकी के पूरे स्टाफ को सस्पेंड कर दिया गया है। जनार्दन सिपाही, 5-6 अज्ञात लोगों और कमल कुरील और विश्राम के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है। सभी आरोपियों की मोबाइल लोकेशन निकाली जा रही है, जिससे पुष्टि होगी कि कौन कहां पर था।                     
-शलभ माथुर, एसएसपी

शासनादेश के मुताबिक दलित की मौत पर 7.80 लाख का मुआवजा दिया जाता है। आधी रकम मौत की एफआईआर होने के दो दिन के अंदर और शेष मुकदमे के फैसले पर दी जाती है। प्रावधानों के मुताबिक मृतक के परिजनों को मुआवजा दिया जाएगा। चौकी में किसकी मौत हुई, इसको लेकर जो भी संशय है।     
विज्ञापन

- कौशलराज शर्मा, डीएम



 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें