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बांदा: चचेरे भाइयों ने सिपाही, उसकी मां और बहन की हत्या की, जमीन की रंजिश, बासी चावल फेंकने पर हुई वारदात

Sat, 21 Nov 2020 09:59 PM IST
शिखा पांडेय क्राइम डेस्क, अमर उजाला, बांदा
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बांदा में ट्रिपल मर्डर - फोटो : अमर उजाला
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बांदा जिले में शहर कोतवाली क्षेत्र में जमीन की पुरानी रंजिश और दरवाजे पर बासी चावल फेंकने के मामूली विवाद में शुक्रवार की रात चचेरे भाइयों और महिलाओं ने प्रयागराज में तैनात सिपाही, उसकी बहन और मां की कुल्हाड़ी और बैट से पीट-पीटकर हत्या कर दी।
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तीन हत्याओं से पुलिस-प्रशासन सकते में आ गया। चित्रकूट धाम मंडल के आईजी के. सत्यनारायण, डीएम आनंद कुमार सिंह और एसपी डा. एसएस मीणा रात में ही मौके पर पहुंचे और पूछताछ की।

सिपाही के बड़े भाई ने तीन चचेरे भाइयों, भाभी समेत 15 नामजद और दो अज्ञात पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने पूछताछ को कुछ नामजद आरोपियों समेत कई को हिरासत में लिया है।
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पोस्टमार्टम के बाद सिपाही के शव को पुलिस ने मुक्तिधाम में गार्ड ऑफ ऑनर दिया। शुक्रवार की रात करीब साढ़े दस बजे प्रयागराज में रिजर्व गारद में तैनात सिपाही अभिजीत वर्मा उर्फ गोल्डी (27) पुत्र स्वर्गीय रामप्रसाद वर्मा, बहन निशा (25) और मां रमा देवी (50) को घर के बगल में रहने वाले चचेरे भाइयों और उनके घर की महिलाओं ने घर में घुसकर धारदार हथियारों से वारकर हत्या कर दी और फरार हो गए।

सिपाही अभिजीत का दोस्त दिलीप भी घायल हो गया। हमले के समय अभिजीत मोबाइल पर सीतापुर में पीएसी सिपाही की ट्रेनिंग ले रहे बड़े भाई सौरभ वर्मा से बात कर रहा था। फोन पर चीख-पुकार सुनकर सौरभ ने यूपी-112 को सूचना दी।
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पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक हत्यारे फरार हो चुके थे। खून से लथपथ तीनों शव आसपास पड़े मिले। सिपाही छुट्टी पर घर आया था। सूचना पर रात में ही मंडल के आईजी, डीएम, एसपी और सिटी मजिस्ट्रेट सुरेंद्र सिंह फोरेंसिक टीम और पुलिस फोर्स संग पहुंचे।

पुलिस ने घटना में इस्तेमाल खून से सनी कुल्हाड़ी और क्रिकेट बैट को बरामद कर शवों को पोस्टमार्टम को भेजा। सीतापुर से शनिवार को पहुंचे सौरभ वर्मा की तहरीर पर कोतवाली में पांच महिलाओं समेत 15 नामजद और दो अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज की गई।

मेडिकल कॉलेज में तीन डाक्टरों के पैनल ने शवों का पोस्टमार्टम किया। दोपहर बाद सिपाही के शव पर फूल चढ़ाकर पुलिसकर्मियों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इसके बाद तीनों शवों का मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार किया गया।

ये हैं आरोपी
सिपाही अभिजीत के चचेरे भाई देवराज, शिवपूजन और सुरेश उर्फ बबलू, देवराज की पत्नी रज्जो, शिवपूजन की पत्नी धर्मवती, देवराज का बेटा राज उर्फ गोपी, देवराज का साला सोमचंद्र, उसकी पत्नी शकुंतला, मां मछला, धर्मेंद्र, उसकी पत्नी शिववती, धरमवीर, सूरज पुत्र रामशरण, कामता व रोहित पुत्रगण सुखदेव और दो अज्ञात हैं।
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