कानपुर देहात में पुखरायां कस्बे में पकड़े गए नकली नोट छापने के धंधे में पता चला है कि आरोपी पुराने नोटों को एक्सचेंज करने का धंधा कर रहे थे। पुराने नोट लेकर यह नोट छापकर पहुंचा रहे थे। एसपी ने बताया गया कि नकली नोट छापने में जो कागज प्रयुक्त किया गया है वह कानपुर के परेड इलाके की कुछ दुकानों से खरीदा गया है। छानबीन की जा रही है। असली नोटों से नकली वाले नोट काफी अलग दिख रहे हैं।
पकड़े गए आरोपी सभी पढ़े-लिखे हैं। इनमें समरेंद्र सचान कंप्यूटर अप्लीकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट है। इसी तरह से आशीष कुमार एमएससी कर चुका है। मुख्य आरोपी पनकी निवासी विजय फरार है। कानपुर देहात के एसपी प्रभाकर चौधरी ने बताया कि अभी काफी चीजें वर्कवाउट नहीं हुई हैं।
पुलिस लगातार काम कर रही है। एक आरोपी आशीष कुमार निवासी अकबरपुर कंप्यूटर शाप चलाता था, जो बाद में इस धंधे में शामिल हो गया। अकबरपुर में तमाम फर्जी अभिलेख भी तैयार किए गए हैं। जांच की जा रही है। पुलिस अधीक्षक प्रभाकर चौधरी ने नकली नोट कांड का खुलासा करने वाली टीम को पांच हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की।