फतेहपुर जिले में खागा कोतवाली के एक गांव में किशोरी की मौत के बाद परिजनों ने सात युवकों पर उसे अगवा कर सामूहिक दुष्कर्म और हत्या कर शव जंगल में फेंकने का आरोप लगाया है। हालांकि पुलिस ने प्राथमिक छानबीन के आधार पर दुष्कर्म की घटना से इनकार करते हुए किशोरी के जहर खाकर जान देने की बात कही है।
फिलहाल पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया है और मामले की पड़ताल कर रही है। वहीं पुलिस ऑनर किलिंग का भी संदेह जता रही है। खागा कोतवाली के एक गांव में रहने वाली 16 वर्षीय किशोरी हाईस्कूल की छात्रा थी। शनिवार शाम वह घर से नित्य क्रिया के लिए जंगल की ओर गई थी।
परजिनों का कहना है कि रात भर किशोरी घर नहीं लौटी और तलाश करने पर रविवार दोपहर बाद जंगल से उसका शव मिला। पास ही एक बाइक और दो मोबाइल फोन भी पड़े मिले। सूचना पर गांव आई पुलिस ने पूछताछ शुरू की। चाचा ने सात युवकों पर आरोप लगाया कि भतीजी को अगवा करके सामूहिक दुष्कर्म के बाद गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को जंगल में ठिकाने लगाते समय ग्रामीणों ने ललकारा तो आरोपित अपनी बाइक और मोबाइल छोड़कर फरार हो गए।
पुलिस को ऑनर किलिंग का भी संदेह
खागा प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार शर्मा से जब घटना के बारे में पूछा गया तो उन्होंने दुष्कर्म से इनकार किया है। उनका कहना है कि ग्रामीणों से पूछताछ व छानबीन में पता चला है कि किशोरी गायब नहीं हुई थी बल्कि नित्य क्रिया करने के बाद रात को घर आ गई थी।
इसके बाद उसने जहरीला पदार्थ खा लिया, जिससे उसकी मौत हो गई। उसका शव जंगल में कैसे पहुंच गया, इसकी जांच की जा रही है। उन्होंने ऑनर किलिंग का भी संदेह जताया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट होने के बाद आगे की कार्रवाई करने की बात कही है।