डाकुओं की पिटाई से घायल ग्रामीण, बबुली कोल की पुरानी फोटो
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चित्रकूट में बबली कोल गैंग की दहशत बरकरार है। सवा पांच लाख के इनामी डाकू बबुली कोल गैंग के लोगों ने जंगल में लकड़ी और घास काटने गए सात ग्रामीणों को मार-मारकर अधमरा कर दिया। घायल ग्रामीण जंगल में ही दो घंटे तक पड़े रहे। जानकारी होने पर ग्रामीणों के साथ पहुंची पुलिस ने घायलों को सीएचसी में भर्ती कराया। पुलिस अधीक्षक ने घायलों से घटना की जानकारी ली। घायल की तहरीर पर डाकू गैंग के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
मारकुंडी थाना क्षेत्र के छेरिहाखुर्द गांव के एक दर्जन से अधिक निवासी गुरुवार की शाम को कुल्हाड़ी, हंसिया व लाठी लेकर परासिन के जंगल में घास व लकड़ी काटने गए थे। ग्रामीणों के साथ दो बैलगाड़ी भी थी। आधे ग्रामीण बैलगाड़ी में घास व लकड़ी लेकर लौट आए लेकिन आधे वहीं रुक गए और काफी देर बाद सिर पर लकड़ी व घास के बचे गठ्ठर लेकर पैदल गांव की ओर जाने लगे। घायल राजेश यादव पुत्र नत्थू ने बताया कि पहले तीन असलहाधारी मिले और पूछताछ कर जाने दिया। इसके बाद पहाड़ के नीचे लगभग 8-10 लोगाें का गैंग मिला और जंगल न आने की बात कहने लगे। ग्रामीणों ने विरोध किया तो डाकूओं ने लाठी व असलहों की बटों से सबको बारी बारी से पीटा। पिटे ग्रामीणों में राजेश के अलावा प्रकाश पुत्र शिवप्रसाद, ज्ञानीउर्फ गयासी पुत्र रामचंद्र, कामता पुत्र चुन्नू, छेदीलाल पुत्र इंद्रपाल, सुरेश पुत्र दादू और राजेश पुत्र चुनवाद को अधमरा कर डाकू गैंग पहाड़ में चढ़कर भाग गया। उधर अंधेरा होने तक ग्रामीणों के घर न पहुंचने पर परिजनों ने तलाश शुरू की। इस बीच एक चरवाहे ने बताया कि डाकूओें ने कई ग्रामीणों को पीटा है। भयवश वह भाग कर गांव आया है। इसके बाद ग्रामीणों ने पुलिस सूचना दी। थानाध्यक्ष रामआसरे सिंह ने मौके पर ग्रामीणों के साथ पहुंचकर घायलों को प्राइवेट वाहन से लाकर सीएचसी में भर्ती कराया। देर रात को मौके पर पुलिस अधीक्षक डीपी सिंह, अपरएसपी अशोक कुमार, सीओ कुलभूषण व सीओ महेंद्र शुक्ला भी पहुंचे। अस्पताल में घायलों का हालचाल जाना। एसपी ने बताया कि डाकू बबुली कोल गैंग के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर तलाश की जा रही है।