टीचर और क्लर्क का फाइल फोटो, जांच करती पुलिस, घटनास्थल पर घून के निशान, भीड़ और मृतक के परिजन
- फोटो : अमर उजाला
हरदोई बावन, लोनार थाना क्षेत्र के बहोरवापुरवा गांव में शुक्रवार रात स्कूल टीचर और क्लर्क की बेरहमी से हत्या कर दी गई। युवती का खून से सना शव हरदोई लोनार रोड के किनारे युवक के दूसरे मकान के बाहर पड़ा मिला। युवक की लाश खेत में शीशम के पेड़ से लटकी मिली। युवक के पैरों और पीठ पर पिटाई के निशान थे। युवती न्यौरादेव के इंटर कालेज में पढ़ाती थी। युवक वहां बाबू था। दोनों के परिजनों ने कॉलेज प्रबंधक पर हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस ने कालेज प्रबंधक को हिरासत में ले लिया है। पोस्टमार्टम सूत्रों के अनुसार युवक की मौत फांसी लगने से हुई है। उधर, युवती के हाथ के नाखूनों में खाल मिली है। डीएनए की पुष्टि के लिए नमूने, स्लाइड व युवक के कपड़े फोरेंसिक जांच के लिए भेजे जाएंगे।
लोनार थाना क्षेत्र के फदनापुर गांव के मूल निवासी राजीव श्रीवास्तव शहर के मोहल्ला आलू थोक में किराए पर रहते हैं। उनकी बड़ी बेटी हिमांशी उर्फ शीनू श्रीवास्तव (25) न्यौरादेव गांव स्थित राजेंद्र सिंह इंटर कालेज में शिक्षिका थी। इसी कालेज में सतेंद्र उर्फ सुधीर (35) पुत्र रामशरण बाबू था। वह कालेज संचालक हर्षवर्धन सिंह की गाड़ी चलाने के साथ अन्य काम भी देखता था। जगदीशपुर गांव के मजरे बहोरवापुरवा निवासी रामशरण का एक मकान हरदोई शहर के मोहल्ला आजाद नगर में भी है।
सतेंद्र, पत्नी सुनीता और आठ साल के बच्चे के साथ आजाद नगर वाले मकान में रहता था। शुक्रवार दोपहर ढाई बजे हिमांशी स्कूल की स्टाफ बस से घर लौट गई थी। शाम करीब पांच बजे वह कागज जमा करने की बात कहकर घर से निकली। शाम पांच बजे ही सतेंद्र बहोरवापुरवा गांव वाले घर पहुंचा। वह छोटे भाई विजेंद्र की बाइक और सड़क किनारे वाले मकान की चाभी लेकर हरदोई जाने की बात कहकर निकल गया। सड़क किनारे वाला मकान खाली पड़ा है। रात में पति से फोन पर संपर्क नहीं होने पर सतेंद्र की पत्नी ने ससुर रामशरण को फोन किया। इस पर उन्होंने सतेंद्र को फोन लगाया लेकिन मोबाइल स्विच आफ था। शनिवार सुबह करीब साढ़े छह बजे रामशरण सड़क किनारे वाले मकान पर पहुंचे। मकान के जीने का शटर खुला था। छत पर दो आदमी और एक महिला मौजूद थे। रामशरण को देखकर तीनों नीचे उतरे और मकान के बाहर लड़की की लाश पड़ी होने की बात कहकर गाड़ी में बैठकर हरदोई की ओर निकल गए। रामशरण के शोर मचाने पर गांव के लोग जमा हो गए। करीब साढ़े नौ बजे ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। इस पर लोनार थानाध्यक्ष एके राय, सीओ पीके सिंह, एएसपी लक्ष्मी निवास मिश्रा और एसपी राजीव मल्होत्रा मौके पर पहुंचे। मकान के ऊपरी मंजिल पर बने कमरे में चारपाई पर बिस्तर पड़े थे। चारपाई के नीचे थोड़ा खून पड़ा था। कमरे के बाहर छत पर और दीवार पर खृून पड़ा था। मौके पर सिर की हड्डी के टुकड़े और मांस के टुकड़े भी थे। मकान के नीचे दीवार के पास हिमांशी का शव पड़ा था। भारी वस्तु से सिर कुचलकर उसकी हत्या की गई थी। पुलिस मौके पर जांच कर रही थी तभी सतेंद्र का शव मकान से 600 मीटर दूर उसके खेत के पास शीशम के पेड़ से लटका मिला। जूते पेड़ के पास रखे थे और पैंट पेड़ पर टंगी थी। सतेंद्र की पीठ और पैरों पर पिटाई के निशान थे। उसके पैरों और हाथों से खून भी निकल रहा था। इसके कुछ देर बाद कॉलेज प्रबंधक हर्षवर्धन सिंह हिमांशी की मां को लेकर बहोरवापुरवा पहुंच गए। युवक और युवती के परिजनों ने हर्षवर्धन सिंह पर हत्या का आरोप लगाया। इस पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। फिलहाल किसी ने तहरीर नहीं दी है।