इसकी जानकारी होने पर सोमवार की रात को उसके देवर अकील ने आरोपी को समझाने का प्रयास किया तो उसने अकील को मारा पीटा। सूचना पर पुलिस पहुंची और मामला रफा दफा कर दिया गया। उन्होंने बताया कि इसके बाद भी आरोपी नहीं माना और मंगलवार की रात फिर चार युवकों के साथ तमंचा व डंडे लेकर आया। तमंचा लहराकर घर में पत्थरबाजी की। जिसकी सूचना कोतवाली को दी गई थी। पुलिस के आते ही आरोपी भाग निकला था।
बुधवार की सुबह जब देवर अकील घर में था तो आरोपी बम लेकर आया और उस पर फेंक दिया। यह देख देवर ने हाथ से बम रोकने का प्रयास किया तभी बम फट गया और धमाके से सभी सहम गए। देवर का हाथ लहूलुहान हो गया। उसे जिला अस्पताल पहुंचाया गया जहां प्राथमिक इलाज के बाद कानपुर रेफर किया गया है।
उधर इस मामले में यह भी बताया गया है कि घायल घर में देशी बम बना रहा था। तभी अचानक बम फट गया। जिससे उसका एक हाथ का पंजा उड़ गया। घटना की जानकारी होते ही कोतवाल अनिल कुमार सिंह मय फोर्स पहुंचे। उनके साथ डॉग स्क्वायड व फारंसिक टीम भी पहुंची। कई घंटे तक जांच पड़ताल की गई।
कोतवाल ने बताया कि किसी ने हमला नहीं किया है। घायल के घर में पटाखे बनाने का काम होता है। कई उपकरण बरामद हुए हैं। यह सब शादी विवाह में पटाखे की बुकिंग करते हैं। पूरे घर में कहीं भी बम फटने का निशान नहीं मिला।
जब पुलिस पहुंची तो झाडू लगाकर हर चीज साफ कर दी गई थी। घायल यदि घर के अंदर था तो आरोपी कैसे अंदर आ गया और बाहर से बम फेंका तो घर के बाहर इसके कुछ निशान मिलने चाहिए था। फिलहाल इसकी जांच की जा रही है कि घायल के पास पटाखे का लाइसेंस है या नहीं। किसी ने हमला किया है तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। उसे कडी सजा मिलेगी।