नोटबंदी के दौरान दोगुने दाम पर सोना बेचने के मामले में कार्रवाई
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नोटबंदी के बाद दोगुने दाम पर सोना बेचकर लोगों का कालाधन सफेद करने पर बुधवार को आयकर विभाग की आधा दर्जन टीमों ने कानपुर के चर्चित बैजनाथ रामकिशोर ज्वैलर्स के शोरूम समेत पांच ठिकानों पर छापेमारी की। यहां भारी मात्रा में नई और पुरानी करेंसी बरामद हुई। दस्तावेजों में बड़े पैमाने पर गड़बड़झाला पकड़ा गया। एचडीएफसी बैंक में फर्म के नाम से खुला लॉकर सील कर दिया गया है। फर्जी फर्मों में निवेश के सबूत हाथ लगे हैं।
आयकर विभाग के ज्वाइंट डायरेक्टर (जांच) अमरेश तिवारी के निर्देश पर डिप्टी डायरेक्टर वेदप्रकाश, सौरभ आनंद, असिस्टेंट डायरेक्टर केके मिश्रा, अभिनव कुमार की टीम ने भारी फोर्स के साथ ज्वैलर्स बंधु प्रदीप अग्रवाल के स्वरूप नगर स्थित शोरूम व दिलीप अग्रवाल के पीपीएन मार्केट स्थित शोरूम पर धावा बोला। दोनों शोरूमों में दस्तावेजों की जांच के बाद टीमों ने तिलक नगर, आजाद नगर व सागर विला अपार्टमेंट स्थित उनके घरों पर धावा बोला। दस्तावेजों की जांच के दौरान बड़े पैमाने पर गड़बड़ी मिली। स्टॉक से मिलान के बाद अफसरों को दोगुने, तिगुने दामों पर सोने की बिक्री के सबूत मिले। सभी ठिकानों से बड़े पैमाने पर नई और पुरानी करेंसी भी मिली। इसे जब्त कर लिया गया है। अन्य बैंकों के लॉकरों की पड़ताल की जा रही है।
फर्जी फर्मों में हुआ निवेश
आयकर विभाग के सूत्र बताते हैं कि नोटबंदी के बाद ज्वैलर्स बंधुओं ने फर्जी फर्मों में निवेश किया है। बाद में इन्हीं फर्मों से कालाधन सफेद हो जाता है। इसी तरह से बड़े पैमाने पर बेनामी संपत्तियों के भी संकेत मिले हैं। इस दिशा में भी जांच आगे बढ़ाई गई है। आयकर अधिकारियों ने फर्जी फर्मों में निवेश, बेनामी संपत्तियों के दस्तावेज, शोरूम और घरों में मिले रिकार्ड को जब्त कर लिया है। समाचार लिखे जाने तक जांच जारी थी।