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मां का गुस्सा या हत्या की साजिश

Fri, 19 Feb 2016 02:25 AM IST
अमर उजाला, ब्यूरो
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नीलम और उसकी दोनों बच्चियों की मौत कैसे हुई यह तो बता पानी अभी पुलिस के बस में नहीं है। नीलम के घरवाले सुनील पर हत्या का आरोप लगा रहे हैं, वहीं फतेहपुर में सुनील के मां-बाप ने नीलम के गुस्से को बच्चों की मौत का कारण बताया। वजह जो भी हो मासूम बच्चों को देख पूरा इलाका रो पड़ा।
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दोनों बच्चों ने एक जैसे कपड़े पहने थे जैसे कहीं जाने की तैयारी हो। बच्चों की नानी सोनम और साक्षी की लाश गोद में रख बस रोतीं रहीं। जिसने भी यह मंजर देखा रो पड़ा। घटनास्थल से मोबाइल चार्जर, बेड, बक्से और बर्तनों से फारेंसिक टीम ने फिंगर प्रिंट लिए हैं।

पड़ोसी सोनेलाल रखवाला या भेदी ?
नीलम के कमरे के बगल में नीलम के भाई जयप्रकाश का लेबर सोनेलाल (24) भी रहता था। नीलम दिन में अपने मायके में रहती थी सिर्फ रात में सोने के लिए कमरे में आती थी। नीलम और सोनेलाल के कमरे का मेन गेट एक ही है। गेट हमेशा सोनेलाल ही खोलता था। सुबह जब नीलम के पिता प्लाट पर गए तो मेनगेट अंदर से बंद था, आवाज लगाने पर सोनेलाल ने ही मेनगेट खोला था। नीलम के कमरे का दरवाजा खुला था जो आमतौर पर अंदर से बंद रहता था।
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बिस्तर पर बक्सा ऊपर शव
जिस फंदे से नीलम झूल रही थी वह उसके दुपट्टे से बना था। बिस्तर के ऊपर बक्सा रखा था। नीलम का एक पैर बिस्तर पर था तो दूसरा बक्से पर था। अमूमन यह माना जाता है कि आत्महत्या करने वाले का पैर यदि जमीन या किसी वस्तु पर टिका है तो वह आत्महत्या नहीं कर पाता है। लेकिन फोरेंसिक टीम फंदा ढीला होने की बात कह रही है।

धरा रह गया लंच, और स्कूल का बैग
सोनम के लिए उसकी नानी सुबह के वक्त स्कूल का लंच तैयार कर रही थीं, तभी सोनम के नाना चीखते हुए घर आए और सभी घरवाले नीलम के घर की ओर दौड़ पड़े। जब वह शाम को घर लौटे तो सोनम का लंच और स्कूली बैग देखकर फूट-फूट कर रोने लगे।

तंगी नहीं थी
नीलम के भाई जयप्रकाश ने बताया कि चारों भाई उसकी और बच्चों की परवरिश मिलकर करते थे। किसी भी तरह की तंगी नहीं थी। नीलम इतनी कमजोर हो गई होगी कि आत्महत्या कर ले।

बच्चियों को मारकर बहू लटक गई होगी
बहू नीलम की मौत पर सास बोली कि वह बहुत गुस्सैल थी। वह बच्चियों को मारकर खुद फंदे में लटक गई होगी। 
नीलम की सास चंदना देवी और ससुर बच्चालाल यादव ने बताया कि वह बकेवर थाने के अमलोहना गांव में अकेेले रहते हैं। नीलम का पति सुनील पांच बहनों का इकलौता भाई है।

नीलम और उसके दोनों बेटियों की मौत की खबर सुबह ही फतेहपुर पहुंच गई थी। चंदना देवी ने बताया कि बहू नीलम के चलते ही उनका बेटा पराया हो गया था। दो साल पहले वह नीलम और दोनों पोतियों के साथ गांव छोड़ कर चला गया था। सुनील ड्राइवर है, जहां कहीं गाड़ी पाता है चला लेता है, फैक्ट्रियों में भी काम करता था। बहू ही बच्चों को मार के खुद लटक गई होगी, बहुत गुस्सैल थी।

छह महीने पहले बहू का भाई आया था और बोला कि अपने ढाई बीघा खेत हमारी बहन के नाम कर दो। हमने मना कर दिया तो बहुत गुस्सा होकर गया। तब से न तो बहू झांकने आई और न ही उसका भाई। सुनील कभी-कभार एक घंटे के लिए मिलने आ जाता था। इधर, दो महीने से आया ही नहीं।
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