अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। छह साल पहले बालिका के साथ अभद्रता और मारपीट के मामले में विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट ने आरोपी को एक वर्ष की सजा व 500 रुपये के जुर्माने से दंडित किया है। मुकदमे के दौरान दो आरोपियों की मौत हो चुकी है। एक आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए दोष मुक्त कर दिया।
बिसंडा थाना क्षेत्र के बिलगांव निवासी आरती पुत्री शिवपूजन ने 2 मई 2012 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके घर में देवी मंदिर है। पड़ोसी जोगी ने यह आरोप लगाया कि उसकी पुत्री पर उसने (आरती ने) भूत-प्रेत का जादू करा दिया है। 2 मई को शाम चुन्नू पुत्र बड़कू और उसका पुत्र जोगी तथा फदाली पुत्र जोगी व अशोक पुत्र जगदीश ने उसके घर धावा बोलकर लाठी-डंडों से पिटाई की।
पुलिस ने विवेचना कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। बुधवार को विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट रामकिशोर त्रिपाठी ने आरोपी जोगी को धारा 323 व 504 में दोषी मानते हुए एक-एक वर्ष का कारावास और 500-500 रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर एक माह की अतिरिक्त जेल काटनी होगी। अन्य आरोपी चुन्नू व अशोक की दौरान मुकदमा मृत्यु हो गई। तीसरे आरोपी फदाली को संदेह का लाभ देते हुए दोष मुक्त कर दिया।
हमले में एक वर्ष की कैद, 500 जुर्माना
दो आरोपियों की मुकदमे के दौरान हो गई थी मौत
एक अन्य आरोपी संदेह के लाभ में बरी,
जादू-टोना कराने का आरोप लगाकर किया था हमला