उन्नाव। एक लाख रुपये व गाड़ी की मांग पूरी न होने पर पत्नी को जान से मारने वाले युवक व उसकी मां को कोर्ट ने आठ साल कैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोनों पर 1500 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। कोर्ट ने बुधवार को अंतिम सुनवाई करते हुए यह फैसला लिया। घटना चार अप्रैल 2015 को अचलगंज के हिंदूखेड़ा गांव में हुई थी।
अपर सत्र न्यायालय फास्ट ट्रैक कोर्ट-प्रथम में चल रहे मुकदमे में वादी मृत्युंजय पुत्र बिंदा प्रसाद सैनी निवासी निहालखेड़ा गंगाघाट ने चार अप्रैल 2015 को थाना अचलगंज में दी तहरीर मेें बताया था कि उसकी बहन संगीता की शादी अचलगंज के हिंदूखेड़ा निवासी अशोक पुत्र गंगाचरन से हुई थी।
शादी के बाद से ही ससुरालीजन एक लाख रुपये व गाड़ी की मांग कर रहे थे। काफी समझाने के बाद भी वह लोग नहीं माने और दहेज के लालच में उसकी बहन को मारकर फांसी पर लटका दिया। इसकी सूचना मिलने पर वह हिंदूखेड़ा पहुंचा तो उसे बहन का शव फांसी पर लटका मिला।
इसके बाद उसने थाना अचलगंज में बहनोई अशोक पुत्र गंगाचरन व उसकी मां फूल दुलारी के खिलाफ दहेज हत्या का मामला दर्ज कराया था। तभी से इसकी सुनवाई अपर सत्र न्यायालय फास्ट ट्रैक कोर्ट-प्रथम में चल रही थी।
बुधवार को मामले की अंतिम सुनवाई में एचजेएस मोहम्मद राशिद ने सहायक शासकीय अधिवक्ता योगेश कुमार सिंह की दलीलों व गवाहों पर गौर करते हुए आरोपियों को दोषी पाया। इस पर न्यायाधीश ने दोनों को आठ वर्ष का कारावास व 15-15 सौ रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड जमा न करने पर उन्हें डेढ़ माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी पड़ेगी।
-अचलगंज के हिंदूखेड़ा का मामला, फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सुनाया फैसला
-अभियुक्तों पर डेढ़ हजार का जुर्माना