कानपुर देहात। सूरत के कोचिंग सेंटर में आग लगने से छात्रों की मौत के बाद अब जिले में छानबीन शुरू हो गई है। महानिदेशक (अग्निशमन) ने जिले में संचालित कोचिंग सेंटरों की रिपोर्ट मांगी है। जिसमें वहां पढ़ने वाले बच्चों की संख्या के साथ वहां आग से बचाव के इंतजामों की रिपोर्ट दी जाएगी। इसी मामले में गुरुवार को मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने सभी फायर स्टेशनों के प्रभारियों को निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं।
जिले में बड़ी संख्या में मकानों, दुकानों व संकरी गलियों में कोचिंग सेंटर संचालित हैं जबकि माध्यमिक शिक्षा विभाग में केवल 42 कोचिंग सेंटर ही पंजीकृत हैं। अकबरपुर, झींझक, डेरापुर, रसूलाबाद, सिकंदरा, गजनेर, रनियां, शिवली आदि क्षेत्रों में करीब तीन सौ से अधिक कोचिंग सेंटर चल रहे हैं। तक्षशिला कोचिंग सेंटर में आग लगने की घटना के बाद अफसरों ने सावधानी बरतते हुए छानबीन शुरू कर दी है।
गुरुवार को पुलिस महानिदेशक फायर सर्विस विश्वजीत महापात्रा ने जिले में संचालित कोचिंग सेंटरों की रिपोर्ट तलब की है। इस पर सीएफओ ने भोगनीपुर, रसूलाबाद, सिकंदरा व मैथा क्षेत्र में तैनात फायर विभाग के प्रभारियों से कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण कर वहां पढ़ने वाले बच्चों की संख्या, आग से बचाव के इंतजाम, कोचिंग का पंजीयन आदि विवरण मांगा है। रिपोर्ट डीजी फायर को भेजी जाएगी।
रसूलाबाद व अकबरपुर में कोचिंग सेंटरों बेसमेंट में चलते मिले हैं। रसूलाबाद के चार कोचिंग सेंटरों के संचालकों पर एफआईआर के निर्देश दिए जा चुके हैं। अकबरपुर क्षेत्र में भी घरों के अंदर व बेसमेंट में कोचिंग मिलने के मामले सामने आ रहे हैं।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी विश्वरूप ने बताया कि डीजी फायर की ओर से जिले में संचालित कोचिंग सेंटरों पर रिपोर्ट मांगी गई है। सभी फायर स्टेशन के प्रभारियों को अपने क्षेत्र का निरीक्षण कर कोचिंग सेंटरों में आग से बचाव के इंतजाम देखने के निर्देश दिए हैं और दस दिन के अंदर निरीक्षण आख्या तलब की गई है।
कोचिंग सेंटरों में आग से बचाव के इंतजामों पर मांगी रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो