फतेहपुर। आबूनगर के पुत्तन यादव हत्याकांड का खुलासा न कर पाना सदर कोतवाल को भारी पड़ा। चार दिनों तक कातिलों का कोई सुराग न लगा पाने पर मंगलवार को उनको लाइन हाजिर कर दिया गया। उनके स्थान पर जहानाबाद के थानेदार विनोद कुमार सिंह को सदर कोतवाली की कमान दी गई है।
मालूम हो कि बीते शनिवार को आबूनगर में सीओ आफिस के पास काश्तकार पुत्तन यादव की घर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में उनके परिजनाें की तरफ से दर्ज कराई नामजद रिपोर्ट के बाद भी पुलिस ने कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा। एसपी राहुल राज ने मंगलवार सुबह शहर कोतवाल शैलेंद्र कुमार सिंह को लाइन हाजिर कर दिया। इसी क्रम में खखरेरू थानेदार सच्चिदानंद त्रिपाठी से थानेदारी छीनकर उन्हें अपराध शाखा में भेज दिया गया है। इनकी कार्यशैली पर भी सवाल उठे थे और पीड़ित पक्ष ने एसपी से शिकायत की थी। सर्विलांस सेल प्रभारी सुरेश सिंह को जहानाबाद थानेदार, कोतवाली में अपराध निरीक्षक वीरेंद्र सिंह यादव को खखरेरू थानेदार बनाया गया है। एसएसआई सत्यपाल सिंह को बहुआ चौकी प्रभारी, खजुहा चौकी इंचार्ज रामू यादव को देवरी बुजुर्ग चौकी थाना जाफरगंज, बहुआ से एसआई इंद्रबली यादव को सौंरा चौकी, गाजीपुर थाने से एसआई किशुन सिंह को किशनपुर, किशनपुर से एसआई गोविंद सिंह को गाजीपुर, पुलिस लाइन से एसआई इजहार अहमद को धाता थाना, एसआई रामबाबू पटेरिया को पुलिस लाइन से न्यायालय सुरक्षा, न्यायालय सुरक्षा से एसआई नाहर सिंह को धाता, एसआई श्रीनिवास राय को गाजीपुर से हथगाम, मझिलगांव चौकी इंचार्ज महेंद्र वर्मा को जहानाबाद, धाता से एसआई सुरेंद्र पाल सिंह को चौकी मझिलगांव प्रभारी बनाया गया है। इसी तरह आठ कांस्टेबल में इधर-उधर किए गए हैं। मालूम हो कि शहर कोतवाली क्षेत्र में एक हफ्ते में दो हत्या हुई। रिटायर्ड हेड कांस्टेबल की हत्या सरेराह की गई। इस घटना के तीन दिन बाद ही आबूनगर के पुत्तन यादव को भोर पहर गोली मारकर हत्या कर दी गई। शहर में जेल चौकी क्षेत्र में वसूली का मामला भी कोतवाल के गले की फांस बन चुका था। वसूली के पीछे कहीं न कहीं कोतवाल को जिम्मेदार माना जा रहा था। महिला की चेन छिनैती, कई चोरियों के मामले, बाइक लिफ्टिंग के अपराधों में लगाम नहीं लग पा रही थी। तेजी से बढ़ता क्राइम ग्राफ भी कोतवाल के लाइन हाजिर होने का कारण बना।