आजाद नगर डिपो की सिटी बस में बुधवार सुबह कंडक्टर ने राज्यस्तरीय डिसेबल (नि:शक्त) क्रिकेट टीम के धुरंधर बल्लेबाज-विकेट कीपर राजाबाबू को बंधक बनाकर बेरहमी से पीटा।
नि:शक्त होने की वजह से किराया देने से मना करने से भड़का कंडक्टर मारपीट करने के बाद क्रिकेटर को बस से नीचे फेंक कर भाग खड़ा हुआ। इस घटना से विकलांग एसोसिएशन के पदाधिकारियों में भारी आक्रोश है।
उधर पीड़ित की तहरीर पर नवाबगंज पुलिस ने परिचालक समेत दो अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। आरोपी कंडक्टर को बर्खास्त कर दिया गया।
पनकी निवासी क्रिकेटर राजाबाबू शर्मा का हाल में ही हरियाणा की राज्यस्तरीय डिसेबल क्रिकेट टीम में चयन हुआ है। राजाबाबू बुधवार सुबह पनकी से फजलगंज जाने के लिए सिटी बस से निकले थे। विजय नगर के पास कंडक्टर रामकुमार ने क्रिकेटर से किराया मांगा।
इस पर राजाबाबू ने नि:शक्त होने का हवाला देते हुए कंडक्टर को अपना विकलांगता सर्टिफिकेट दिखाया। इस पर रामकुमार गालीगलौज करने लगा। धमकाया कि किराया दो, वरना धक्का मारकर बस से फेंक दूंगा। राजाबाबू ने परिचालक का विरोध किया। इस पर उसने बस के अंदर क्रिकेटर को गिराकर लात-घूसों से पीटना शुरू कर दिया।
मोबाइल में अपनी करतूत के कैद होने की आशंका में कंडक्टर ने उनका मोबाइल तोड़ डाला। बस में बैठी सवारियाें को भी उतार दिया। इसके बाद खाली बस लेकर वह आजाद नगर डिपो पहुंचा।
यहां पर राजाबाबू को बस से नीचे फेंक कर कंडक्टर भाग खड़ा हुआ। इस घटना के बाबत नवाबगंज एसओ प्रमोद शुक्ला ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर कंडक्टर समेत अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
एआरएम ने नहीं सुनी फरियाद
राजाबाबू का आरोप है कि वह घटना के संबंध में जानकारी देने के लिए एआरएम सीके भास्कर के पास पहुंचे तो यहां पर उनकी सुनवाई नहीं हुई। उधर घटना की जानकारी मिलते ही हैंडीकैप्ड एसोशिएसन के पदाधिकारी ह्रदेश सिंह, एके सिंह ने मौके पर पहुंचकर हंगामा किया।
इसके बाद हरकत में आई नवाबगंज पुलिस ने परिचालक रामकुमार शुक्ला समेत दो अज्ञात लोगों के खिलाफ मारपीट करने, जान से मारने की धमकी समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है।
ड्राइवर भी भयभीत
बस के अंदर नि:शक्त के साथ कंडक्टर की बर्बरता से बस चालक सुमेर सिंह का भी कलेजा कांप उठा। उसने आजाद नगर डिपो पहुंचकर एआरएम सीके भास्कर को बताया कि दबंग परिचालक के खौफ की वजह से वह कुछ नहीं बोल पाया। यहां तक कि राजाबाबू के चीखने-चिल्लाने पर कंडक्टर ने बस भी न रोकने की हिदायत दी।