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23 मृत गोवंशों से लदी डीसीएम पकड़ी

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उन्नाव/सोनिक। लखनऊ के कान्हा उपवन में रखे जाने वाले गोवंशीय पशुओं की मौत के बाद उन्हें दफनाने की आड़ में उनका सौदा किया जा रहा था। सदर कोतवाली के दही चौकी औद्योगिक क्षेत्र में रविवार को हिंदू संगठनों की सूचना पर पुलिस ने एक बाउंड्रीवाल वाले खाली प्लाट में खड़ी डीसीएम को कब्जे में लिया। इसमें 23 मृत गोवंश मिले। पुलिस की जांच में पाया गया कि मृत पशुओं को दफनाने के लिए डीसीएम को कान्हा उपवन से भेजा गया था। पुलिस मवेशियों का पोस्टमार्टम कराया और फिर दफ्न कराया। पुलिस कंटेनर के साथ कार से चल रहे तीन युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
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शहर के मोहल्ला आवास विकास कालोनी निवासी बजरंग दल के जिला सह संयोजक नमन पांडेय हिंदू युवा वाहिनी के मनीष तिवारी के साथ रविवार दोपहर गांव बिछिया से लौट रहे थे। लखनऊ-कानपुर हाईवे पर सदर कोतवाली के दही चौकी के पास एक डीसीएम को ओवरटेक किया। तेज बदबू आने पर शक हुआ तो बाइक से उसका पीछा किया। डीसीएम दही चौकी औद्योगिक क्षेत्र एक की ओर मुड़कर करीब डेढ़ किमी अंदर जाने के बाद एक बीघा क्षेत्रफल वाले बाउंड्रीवाल वाले खाली प्लॉट के अंदर चली गई। इसमें सैकड़ों मवेशियों के अस्थिपंजर डंप मिले। नमन ने बजरंगदल के विभाग संयोजक रघुवंशमणि त्रिवेदी को सूचना दी। इस पर रघुवंशमणि ने सदर कोतवाल दिनेश चंद्र मिश्र को जानकारी दी। पुलिस को देख डीसीएम में बैठे लोग भाग निकले। जबकि डीसीएम के पीछे चल रहे कार सवार तीन युवकों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। पुलिस ने कुछ मजदूरों को बुलाकर डीसीएम का तिरपाल खुलवाया तो उसमें 23 गोवंशीय पशु मृत मिले। बताया जा रहा है कि मृत पशुओं के मांस, खाल और हड्डी का सौदा किया गया है। सीओ सिटी अंजनी कुमार राय ने बताया कि लखनऊ शहर क्षेत्र में मृत पशुओं के शव को निस्तारण के लिए कान्हा उपवन के माध्यम से किसी भूरे नाम के व्यक्ति को ठेका दिया गया है। निस्तारण लखनऊ में ही होना था लेकिन पशुओं के शव को उन्नाव लाया गया है। मामले की जांच कराई जा रही है, जो दोषी होगा उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
जिस प्लॉट पर डीसीएम खड़ी मिली उससे 500 मीटर दूरी पर एक बरगद के पेड़ में करीब एक दर्जन रस्सियां बंधी मिली। आशंका है कि इन्ही रस्सियों का फंदा बना छोटे गोवंशीय पशुओं को टांगकर उनके अवशेष निकाले जाते हैं। जिस प्लॉट में गोवंशीय पशुआें से भरी डीसीएम खड़ी की गई उसमें पशुओं के अस्थिपंजरों का अंबार मिला। अंदेशा जताया जा रहा है कि मवेशियों को दफनाने के नाम पर यहां कर बेच दिया जाता है। खरीदार मांस, हड्डी और खाल बेचते हैं। सदर कोतवाल दिनेश चंद्र मिश्रा ने इसे अवैध बताया। वहीं, लखनऊ से डीसीएम को रास्ता दिखाकर प्लॉट तक लाने वाले कार सवार तीन युवकों ने पुलिस को कान्हा उपवन की एक रसीद दिखाई। रसीद में लिखे डीसीएम के कानपुर रजिस्ट्रेशन नंबर को पेन से काटकर उन्नाव का रजिस्ट्रेशन का नंबर लिखा गया है। रसीद में लिखा है कि मृत पशुओं को लखनऊ के बाहर न दफनाया जाए। सदर कोतवाल दिनेश चंद्र मिश्र ने जब कान्हा उपवन के जिम्मेदारों से फोन पर बात की तो उन्होंने डीसीएम को भेजने की बात स्वीकारी लेकिन उन्नाव भेजने और परिवहन की अनुमति कागज पर दर्ज न होने के सवाल का जवाब नहीं दे सके और फोन काट दिया।
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वहीं, सदर कोतवाल दिनेश चंद्र मिश्र ने बताया कि लखनऊ नगर निगम के आयुक्त से उनकी बात हुई है। उन्होंने बताया कि भूरे नाम के युवक को मृत मवेशियों के निस्तारण का ठेका दिया गया है। रसीद में उन्नाव में निस्तारण किए जाने की बात न लिखने की चूक हुई है। वहीं बजरंग दल के रघुवंशमणि का आरोप है कि जिस प्लॉट में मवेशियों के अस्थिपंजरों का भंडारण मिला है वहां डीसीएम लेकर आना बड़ा खेल की ओर इशारा कर रहा है। पुलिस और प्रशासन ने मामले को दबाने की कोशिश तो मुख्यमंत्री तक से शिकायत करेंगे।
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