वकीलों से विवाद से सुर्खियों में आने पर फर्रुखाबाद से हटाकर लखनऊ परिवहन मुख्यालय से संबद्ध किए गए एआरटीओ सुधेश तिवारी ने इस्तीफे की पेशकश की है। राज्यपाल को संबोधित इस आशय का पत्र रविवार रात अचानक सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। फोन पर बातचीत में उन्होंने पत्र को सही बताते हुए कहा कि मेल और व्हाट्सएप के जरिये अफसरों को भी सूचना दे दी है।
पत्र में लिखा है, स्वास्थ्य संबंधी कारणों से असहाय हूं। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी के पद से तत्काल त्यागपत्र देता हूं। मैं अपनी व्यथा निम्न लिखित सूत्र में लेखबद्ध करता हूं। आगे लिखा है, मैं जगत को जीत लेता यदि अपनों से पराजित न होता। मुझे विश्वास है कि महामहिम महोदया त्यागपत्र स्वीकार कर अनुगृहीत करेंगी।
एआरटीओ ने आला अफसरों के साथ-साथ इसकी प्रति जिला बार के पदाधिकारियों को भी दी है। बता दें कि वकीलों ने एआरटीओ पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए थे। पकड़ी गई गाड़ी छोड़ने को लेकर सौदेबाजी का आडियो भी वायरल करते हुए शिकायतें की थीं। इस बीच एआरटीओ की ओर से जिला प्रशासन के खिलाफ लिखे कई पत्र भी सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे।
शनिवार को प्रमुख सचिव को संबोधित एआटीओ की ओर से लिखी एक चिट्ठी भी वायरल हुई। इसके कुछ घंटे बाद ही प्रमुख सचिव अरविंद कुमार की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि एआरटीओ सुधेश तिवारी के खिलाफ अवैध वसूली व भ्रष्टाचार की शिकायतें हुईं थीं। इनमें प्रथम दृष्टया उत्तरदायी पाए जाने पर उन्हें परिवहन आयुक्त कार्यालय लखनऊ से संबद्ध किया जाता है। बागपत के एआरटीओ प्रशासन सुरेंद्र सिंह को जिले में तैनाती की जानकारी एक और संदेश से दी गई थी।