बरौर (कानपुर देहात)। पेड़ के विवाद की खुन्नस में पांच दिन पूर्व केरोसिन डालकर जलाए गए किशोर की गुरुवार सुबह कानपुर हैलट अस्पताल में मौत हो गई। शाम को शव गांव आते ही परिजनों में कोहराम मच गया। पीड़ित पक्ष के लोग पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते रहे। बाद में शव को खेत में ही गड्ढा खोदकर दफन कर दिया गया।
बरौर निवासी एक ही खानदान के नरेंद्र उपाध्याय और अशोक उपाध्याय के बीच झगड़ा एक कटहल का पेड़ जल जाने के कारण शुरू हुआ था। अशोक के परिजनों पर आरोप लगाया गया था कि उन्होंने आग लगा दी। इसमें समझौता कराया गया था। चार जून गुरुवार को सरकारी नाली को लेकर अशोक और अवधेश के बीच झगड़ा हो गया था। दोनों पक्ष के लोगों को चोट आई थी। अवधेश की तहरीर पर अशोक का चालान शांति भंग में कर दिया था। इसके बाद खेत पर अनोद उर्फ अन्नू (16) पर केरोसिन डालकर आग लगा दी गई थी।
कानपुर हैलट अस्पताल में उसका इलाज चल रहा था। गुरुवार को उसकी मौत हो गई। शाम को शव गांव आते ही परिजनों में कोहराम मच गया। मां कामनी, बहन सपना, भाई अमरदीप, अमर किशोर, अमन का रोकर बुरा हाल हो गया। मौके पर सीओ रामकृष्ण मिश्र और थानाध्यक्ष दिग्विजय सिंह फोर्स के साथ पहुंचे। परिजनों ने थानाध्यक्ष की कार्रवाई पर सवाल उठा दिया। सीओ से इसकी जांच की मांग की। थानाध्यक्ष ने बताया कि उन्होंने दोनों पक्षों पर बराबर कार्रवाई की है। पूरी घटना उच्चाधिकारियों के संज्ञान में है।