हुसैनगंज (फतेहपुर)। हुसैनगंज थाना क्षेत्र के एक गांव में दुष्कर्म के बाद युवती को आग लगाने की घटना से पुलिस प्रशासन के होश उड़े हैं। युवती गांव से लेकर जिला अस्पताल तक और कानपुर हैलट में पूछे जाने पर यही कहती रही कि आरोपी ने उसके साथ गलत किया, विरोध पर जला दिया। जिलाधिकारी के बयान से मामले में दूसरा मोड़ आ गया। इस संबंध में एसपी का बयान भी मीडिया में जारी हो गया था।
जिला अस्पताल में महिला थानेदार नमिता सिंह ने पीड़िता का मोबाइल में बयान दर्ज किया। नायब तहसीलदार ने कलमबंद बयान के रूप में दर्ज किया। इस समय सभी को दूर रखा गया। मामला कलमबंद बयान का था इस वजह से इसे उजागर भी नहीं किया गया। दूसरी ओर करीब 99 प्रतिशत जल चुकी युवती ने कलमबंद बयान से पहले बयान दिया कि वह घर में अकेली थी। रिश्ते का चाचा घर में घुस आया। गलत काम किया और विरोध करने पर
केरोसिन डालकर जला दिया। डॉक्टरों व मीडिया को दिए बयान में भी उसने दुष्कर्म व जला देने की बात कही। पीड़िता के बयान गलत हैं या सही यह तो विवेचना का विषय है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुुताबिक पीड़िता को जिला अस्पताल से कानपुर रवाना करने के बाद प्रशासनिक व पुलिस अमला गांव पहुंचा। डीएम संजीव सिंह, एसपी प्रशांत वर्मा ने भी घटनास्थल का मुुआयना किया, कुछ लोगों से पूछताछ की। सीओ सिटी केडी मिश्रा ने गांव की एक बुजुर्ग महिला से बातचीत की। बुजुर्ग महिला ने गांव में पंचायत होने की बात कही। उसके बाद पूर्व प्रधान का बेटा सुनील मौर्या का एक वीडियो जारी हुआ। सुनील ने कहा कि सुबह दोनों पक्षों के बीच गांव के संभ्रांत लोगों की पंचायत हुई थी। इस दौरान आरोपी और युवती मौजूद थे। दरअसल दोनों को शुक्रवार शाम गंगा किनारे एक साथ कुछ लोगों ने देख लिया था।
पीड़िता और आरोपी में करीब दो साल से प्रेम प्रसंग था। पंचायत में लड़की पक्ष ने कहा था कि जब तक लड़की की शादी नहीं हो जाती आरोपी को गांव से दूर कर दिया जाए। वह लड़की से बातचीत नहीं करेगा। दोनों को तुलसी और गंगाजल लोटे में लेकर एक-दूसरे न मिलने की शपथ भी दिलाई गई। इसी दौरान लड़की पंचायत से चली गई थी। कुछ देर बाद ही लड़की आग से जलती निकली। लोग उसे बचाने के लिए दौड़ पड़े।