कन्नौज। छिबरामऊ तहसील और कलक्ट्रेट में हुए बवाल की जांच के क्रम में कमिश्नर सुभाष चंद शर्मा और आईजी मोहित अग्रवाल ने बृहस्पतिवार को भी लेखपालों व कर्मचारी नेताओं से वार्ता की। उन्हें समझाने का प्रयास कर कार्रवाई के लिए कुछ समय मांगा। लेकिन लेखपालों के मांगों से पीछे न हटने से दूसरे राउंड की वार्ता भी फेल हो गई। दोनों अफसरों ने सुबह सदर कोतवाली में बवाल के फुटेज भी देखे। कुछ पुलिस अधिकारियों की लापरवाही सामने आई है। उधर, एसपी ने छिबरामऊ कोतवाल आलोक कुमार राय को लाइन हाजिर कर दिया। एसपी के मीडिया सेल प्रभारी विमलेश कुमार ने इसकी पुष्टि की।
कमिश्नर और आईजी दोपहर करीब 12 बजे कानपुर से सीधे सदर कोतवाली पहुंचे। उन्होंने एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह, एएसपी विनोद कुमार, सीओ सिटी श्रीकांत प्रजापति और कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार मिश्रा की मौजूदगी में घटना के फुटेज देखे। सूत्रों की मानें तो फुटेज देखने के बाद आईजी पुलिस की भूमिका से संतुष्ट नजर नहीं आए और एक बाद एक कई सवाल किए, जिसका जवाब जिले के अधिकारी नहीं दे सके। इसके बाद दोनों अधिकारी कलक्ट्रेट पहुंचे। डीएम रवींद्र कुमार, एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह, एडीएम यूसी उपाध्याय, एसडीएम सदर शैलेश कुमार के साथ ही एएसपी और सीओ के साथ फिर पूरे घटनाक्रम पर चर्चा की। सूत्रों की मानें तो डीएम और खुफिया विभाग के रिपोर्ट देने के बाद भी कलक्ट्रेट में पर्याप्त फोर्स तैनात न करना पुलिस की सबसे बड़ी चूक साबित हो रही है।
इसके बाद लेखपाल संघ कन्नौज के अध्यक्ष अखिलेश मिश्रा, मंडलीय अध्यक्ष मदनमोहन, सत्येंद्र मोहन, अशोक सविता, गुरचरण सिंह, कर्मचारी महासंघ के सतेंद्र मोहन शर्मा, शिक्षक संघ के उदय नारायण यादव, माध्यमिक शिक्षक संघ के श्रीकृष्ण यादव, बदन सिंह से डीएम कार्यालय में वार्ता की। बताया कि अभी तक पुलिस ने लेखपालों की ओर से छिबरामऊ और कन्नौज कोतवाली में दो मुकदमे और कन्नौज कोतवाल ने भी अपनी ओर से एक मुकदमा दर्ज कराया है। आगे की कार्रवाई के लिए उन्हें कुछ समय चाहिए। कमिश्नर ने हड़ताल समाप्त करने की अपील की। लेखपाल और कर्मचारी नेता कुछ हद तक सहमत नजर आए लेकिन बाहर आते ही जब साथियों से बात की तो वे मांग पूरी करने पर अड़े रहे।