इटावा। माही कॉलेज के निदेशक और उनकी पत्नी के खिलाफ दर्ज धोखाधड़ी के मामले में समझौते की प्रति लेकर इकदिल थाने पहुंचे निदेशक के पिता एवं कॉलेज के प्रबंधक ने जहर खा लिया। उन्हें जिला अस्पताल से सैफई मिनी पीजीआई रेफर कर दिया गया।
जहर खाने वाले बुजुर्ग वेदप्रकाश त्रिपाठी से जुड़े लोगों का कहना है कि उन्होंने एसओ के रवैये से असंतुष्ट होकर थाने में ही जहर खा लिया। वेदप्रकाश त्रिपाठी अपने बेटे माही कॉलेज के निदेशक रजत त्रिपाठी और रजत की पत्नी व कॉलेज कमेटी की कोषाध्यक्ष ममता त्रिपाठी के खिलाफ दर्ज धोखाधड़ी के मामले में हुए समझौते के शपथपत्र की फोटो प्रति लेकर थाने गए थे।
उनकी मंशा थी कि इस कागज के आधार पर दर्ज मामला खत्म कर दिया जाए। धोखाधड़ी का यह मामला फ्रेंड्स कालोनी के रामनगर मोहल्ला निवासी अरुण कुमार पुत्र राम सिंह ने तीन जुलाई को दर्ज कराया था।
बताते हैं कि थानाध्यक्ष समीर कुमार सिंह ने उनसे शपथपत्र की मूल कॉपी मांगी और वादी को भी साथ लाने के लिए कहा। इसके बाद उन्होंने यह कदम उठा लिया।
एसओ का कहना है कि थाने के अंदर जहर खाने की घटना नहीं हुई। समझौते का मूल शपथपत्र और वादी को साथ लाने की बात समझाकर उन्हें एक ग्राम प्रधान के साथ थाने से वापस भेजा गया था। उन्होंने किसी और स्थान पर जहर खाया होगा।
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इस मामले की जांच कराई जाएगी। हो सकता है कि वेदप्रकाश ने पुलिस पर दबाव बनाने के लिए जहर खाया हो।
-रामयश सिंह, एएसपी
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