इटावा जेल में बंदी की मौत, बिधूना कोतवाली में हंगामा
कोर्ट ने आबकारी एक्ट में न्यायिक हिरासत में भेजा था, परिजनों ने कहा-पुलिस की पिटाई से हुई मौत
अमर उजाला ब्यूरो
इटावा। आबकारी एक्ट में औरैया की कोर्ट से न्यायिक हिरासत में भेजे गए बंदी श्यामू की मंगलवार रात यहां की जेल में हालत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। जिला अस्पताल में मृत घोषित किए जाने की जानकारी मिलते ही परिजनों ने पुलिस की पिटाई से मौत का आरोप लगाया और बिधूना कोतवाली घेर ली। कोतवाली प्रभारी ने किसी तरह समझा-बुझाकर उन्हें शांत किया।
जिला कारागार में मंगलवार शाम को ही श्यामू (24) पुत्र सियाराम को दाखिल कराया गया था। वह औरैया के बिधूना थाने के मारवाड़ी सूरजपुर गांव का रहने वाला था। उस पर कच्ची शराब बनाने और बेचने का आरोप था। इसी आरोप में उसका चचेरा भाई राजेश पुत्र सोहनलाल भी जेल भेजा गया था। दोनों बैरक नंबर नौ में बंद थे। जेल अधीक्षक राज किशोर सिंह ने बताया कि हालत बिगड़ने पर श्यामू को जेल के डॉक्टर से दवा दिलाई गई। सुबह करीब चार बजे हालत गंभीर हुई तो वार्डन अमित और प्रदीप उसको जिला अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। जेल अधीक्षक के मुताबिक चचेरे भाई राजेश ने बताया कि श्यामू करीब सात वर्ष से कच्ची शराब पीने का आदी था। इसी से उसकी तबीयत खराब रहती थी। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है।
वहीं, श्यामू की मौत की जानकारी मिलने पर बुधवार की दोपहर सौ से ज्यादा महिला-पुरुष बिधूना कोतवाली पहुंच गए। उनका कहना था कि पुलिस ने श्यामू को बुरी तरह पीटा, जिससे उसकी मौत हो गई। भीड़ ने आरोपी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की। कोतवाली प्रभारी राजदेव सिंह प्रजापति ने समझा बुझाकर उन्हें घर भेजा। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि परिजनों द्वारा जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं, वे गलत हैं।
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