जिला जेल में घटना के संबध में जानकरी देते डीआईजी जेल वेदप्रकाश त्रिपाठी
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इटावा। जिला जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे दो कैदी शनिवार की देर रात पेड़ की डाल और सरिया के सहारे दीवार फांदकर भाग गए। भागते समय औरैया निवासी एक कैदी इटावा रेलवे स्टेशन पर ऊंचाहार एक्सप्रेस की चपेट आ गया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना से जिले से लेकर शासन तक हड़कंप मच गया। डीएम, एसएसपी के अलावा डीआईजी जेल ने भी मुआयना किया। पांच जेल कर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के साथ प्रधान बंदी रक्षक समेत चार के खिलाफ निलंबन की संस्तुति की गई है।
डकैती और हत्या के मामले में जिला जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे औरैया जिले के फफूंद थाना क्षेत्र के दशहरा गांव निवासी रामानंद यादव (45) पुत्र गोरेलाल और इटावा के इकदिल थाना क्षेत्र के महानेपुर निवासी चंद्रप्रकाश उर्फ चंदू (39) पुत्र रामभरोसे बैरक नंबर पांच में बंद थे। शनिवार रात पौने तीन बजे के आसपास दोनों योजनाबद्ध ढंग से जेल की दीवार फांदने में कामयाब हो गए। आजीवन कारावास के दो बंदियों के भाग जाने की जानकारी बैरक के अन्य बंदियों से अफसरों तक करीब तीन बजे पहुंची। अफसरों के होश उड़ गए।
शुरुआती छानबीन में स्पष्ट हुआ कि कैदियों ने भागने से पहले भीतरी कवरेज करने वाले सीसीटीवी कैमरे अनुपयोगी कर दिए थे। गमछों व चादर का इस्तेमाल रस्सी की तरह किया और पेड़ की डालों व सरिया की मदद से दीवार पार की। दीवार से सैय्यद बाबा की मजार की तरफ कूदकर भागे कैदियों ने पहला पड़ाव रेलवे स्टेशन को बनाया। लेकिन प्लेटफॉर्म नंबर तीन पर दिल्ली से आ रही ऊंचाहार एक्सप्रेस की चपेट में आकर रामानंद की मौत हो गई। चंद्रप्रकाश चंदू भागने में सफल रहा।
रविवार सुबह की रोशनी गहराने के साथ रेलवे स्टेशन पर जीआरपी, आरपीएफ अफसरों की संख्या बढ़ती गई। दूसरी ओर जेल पर जिला प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों की। डीएम जेबी सिंह, एसएसपी संतोष मिश्रा और डीआईजी जेल वेदप्रकाश त्रिपाठी ने जेल का मुआयना किया।
डीआईजी जेल त्रिपाठी ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। ड्यूटी रजिस्टर चेक किए जा रहे हैं। बताया कि प्रथम दृष्टया तीन बंदी रक्षक और एक प्रधान बंदी रक्षक दोषी महसूस हुए हैं। उनके निलंबन की संस्तुति की गई है। देर शाम जेलर रामकुबेर सिंह की तहरीर पर सिविल लाइन थाने में प्रधान बंदी रक्षक इरफान, बंदी रक्षक आयुष शुक्ला, आनंद कुमार, श्रीकृष्ण और सहदेव के खिलाफ ड्यूटी में लापरवाही बरतने का मुकदमा दर्ज किया गया है।