बिल्हौर। बिकरू कांड के बाद कुख्यात विकास दुबे गैंग की परत दर परत कारनामे सामने आ रहे हैं। पुलिस के अलावा विकास विभाग की भी पोल पट्टी खुल रही है। बिकरू और भीटी ग्राम पंचायत के छोटे से बड़े सभी काम कुख्यात विकास दुबे के इशारे पर होते थे। उसके गुर्गों की फौज के सामने ग्रामीण ही नहीं बल्कि विकास विभाग के अधिकारी-कर्मी बोलने की हिम्मत नहीं रखते थे। यहीं कारण है कि उक्त दोनों ग्राम पंचायतों के सभी काम विकास दुबे की कोठी की अनुमति से होते थे।
शिवराजपुर विकास खंड के बिकरू और भीटी ग्राम पंचायत मिश्रित आबादी में बसें हैं। बिकरू से विकास दुबे के भाई दीपू दुबे की पत्नी अंजलि दुबे जबकि भीटी ग्राम पंचायत से जिलेदार सिंह ग्राम प्रधान हैं। कई वर्षों से कुख्यात विकास दुबे ने दोनों ग्राम पंचायतों में वहीं किया जो उसके मन में आया। आवास योजना, मनरेगा, पेंशन, स्वयं सहायता समूह, स्वच्छता-पेयजल-जागरुकता सीमित, राशन वितरण, भूमि आवंटन, आवास आवंटन समिति के लिए साल में चार खुली बैठक जरूरी है। लेकिन लखनऊ में रहने वाले विकास दुबे की प्रधान बहू अंजलि दुबे कभी भी नहीं आईं। विकास दुबे और उसके गुर्गे ही गलत ढंग से अभिलेखों पर हस्ताक्षर कर कराते रहे।
विकास विभाग पर विकास दुबे का भय इतना था कि पंचायत भवन से परिवार रजिस्टर ही उसके गुर्गों ने पार कर गए। मनरेगा योजना में बिकरू गांव में विकास दुबे का खास गुर्गा धर्मेंद्र दुबे उर्फ हीरू पंडित रोजगार सेवक है। वह वारदात में शामिल था और तभी से लापता है। वह अपने खास को ही रोजगार देेता था। बिकरू ग्राम पंचायत के ग्राम विकास अधिकारी अमित कटियार और भीटी ग्राम पंचायत के मनरेगा रोजगार सेवक विनोद कुमार ने चुप्पी साध रखी है।
एडीओ पंचायत राजवीर सिंह ने बताया कि नियानुसार ग्राम पंचायत के सभी अभिलेखों के रखरखाव, बनाने और संशोधन की जिम्मेदारी ग्राम विकास अधिकारी की है। ग्राम प्रधान या फिर ग्राम पंचायत की कार्यकारिणी यदि अभिलेखों को देखना चाहती है तो वह निश्चित अवधि के लिए इनको ले सकती है। बिकरू ग्राम पंचायत की स्थिति किसी से छिपी नहीं है, यदि पंचायत के अभिलेख गायब हैं तो जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
रिचा और अंजलि की सदस्यता समाप्त करने पर विचार
कुख्यात विकास दुबे की पत्नी अंजलि दुबे घिमऊ से जिला पंचायत सदस्य हैं, जबकि लखनऊ निवासी भाई दीपू दुबे की पत्नी अंजलि दुबे बिकरू की ग्राम प्रधान हैं। एडीओ पंचातय राजवीर सिंह ने बतायाकि दोष सिद्घ होने पर जिलाधिकारी कानपुर नगर और जिला पंचायत कानपुर नगर के अनुमोदन पर अंजलि दुबे की सदस्यता समाप्त हो सकती है। ग्राम पंचायत बिकरू की ग्राम प्रधान अंजलि दुबे यदि गांव में नहीं रहती हैं और उनके न रहने से कार्यों में बाधा आ रही है तो ग्राम पंचायत की कार्यकारिणी लिखित रूप से सूचित करें। बताया कि बिकरू ग्राम पंचायत के मनरेगा रोजगार सेवक हीरू पंडित उर्फ धर्मेंद्र के शूट आउट में शामिल होने और घटना के बाद लापता होने की बात है तो पुलिस विभाग की ओर से ब्लाक को कोई पत्र नहीं मिला है। आदेश मिलते ही कार्रवाई की जाएगी।