चौबेपुर (कानपुर)। बिकरु गांव में गुरुवार रात पुलिस मुठभेड़ के बाद चारो ओर खून देख हर कोई सन्न रह गया। रोंगटे खड़े कर देने वाली इस वीभत्स घटना के बाद गांव वाले ने मानों मुंह ताला ही लगा लिया था। काफी पूछताछ के बावजूद कोई व्यक्ति कुछ भी बताने को तैयार नहीं था।
गांव के मुख्य मार्ग से विकास दुबे के घर की ओर जाने वाली सीसी रोड पर खून बिखरा था। जिधर देखो खून ही खून नजर आ रहा था। मुठभेड़ का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जिस स्थान पर सीओ बिल्हौर देवेंद्र मिश्रा को मारा गया, वहां खून के साथ मांस के लोथड़े पड़े थे। गांव के बाहर रोड किनारे रखी एक चारपाई भी खून से रंगी थी, जोकि घटना को बयां कर रही थी। बताया गया कि घायलों को चारपाई से उठाकर मुख्य मार्ग पर खड़ी गाड़ियों तक लाया गया।
दीवारों पर गोलियों के निशान घटना की कहानी स्वत: बयां कर रहे थे।
लगभग ढाई हजार लोगों की आबादी वाले इस गांव में पसरे सन्नाटे को सिर्फ पुलिस व मीडिया कर्मियों की आवाजें ही तोड़ रही थीं। पुलिस पूछताछ के लिए बैठाए गए कुछ लोगों के अलावा पूरे गांव में पुरुषों का कहीं अता-पता नहीं था। ज्यादातर घरों में ताले लटक रहे थे या फिर एकाध वृद्ध महिलाएं दरवाजे के सामने चारपाई पर बैठी दिखीं। गोलियों की आवाज सुने जाने की बाबत पूछे जाने पर महिलाओं ने चुप्पी साध रखी थी।