ये वह खाते हैं जो कि दिल्ली, बंगलूरू, कर्नाटक, हैदराबाद और आगरा से संचालित किए जा रहे थे। वहीं जेल भेजे गए आरोपियों में कुछ ऐसे भी लोग शामिल थे जो ठगी के रुपये को क्रिप्टो करेंसी में बदलकर विदेश में भेजते थे। एक विशेष तरह के मोबाइल एप पर क्रिप्टो करेंसी को मंगाकर उसी एप के जरिए करेंसी को रुपयों में कनवर्ट किया जाता था।
इसके बाद उन रुपयों को अलग-अलग खातों में भेजा जाता था। सूत्रों के अनुसार दो साल में इन 45 खातों से करीब 98 करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन किया गया जा चुका है। बता दें कि क्राइम ब्रांच चाइनीज मास्टरमाइंड की तलाश में जुटी है।