फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पीएम और महिला आईएएस पर अभद्र टिप्पणी: सिपाही ने ट्विटर पर किए थे पोस्ट और रिप्लाई, अधिकारियों ने किया निलंबित

Fri, 19 Aug 2022 06:18 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

क्राइम ब्रांच में तैनात सिपाही अजय गुप्ता विभाग के खिलाफ भी मोर्चा खोल चुका है। उसने प्रधानमंत्री और महिला आईएएस पर अभद्र टिप्पणी की थी।  ट्विटर पर पोस्ट और रिप्लाई किए थे। मामले का संज्ञान लेते हुए उच्चाधिकारियों ने सिपाही को निलंबित किया है।
विज्ञापन
सिपाही अजय गुप्ता - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कानपुर क्राइम ब्रांच में तैनात सिपाही अजय गुप्ता ने ट्विटर पर प्रधानमंत्री और एक महिला आईएएस पर अभद्र टिप्पणी की। उसने कई विवादित ट्वीट और रिप्लाई किए। साथ ही, विभाग के खिलाफ भी मोर्चा खोल चुका है। सोशल मीडिया पर इससे संबंधित स्क्रीन शॉट वायरल होने के बाद अफसरों ने संज्ञान लेकर जांच के आदेश दिए हैं।

विज्ञापन

मुख्यालय ने भी मामले का संज्ञान लिया, जिसके बाद सिपाही को निलंबित कर दिया गया है। कमिश्नरी की क्राइम ब्रांच में अजय गुप्ता लंबे समय से तैनात है। 14 अगस्त को पुलिस पदकों का ऐलान किया गया था। अजय गुप्ता ने कमिश्नरी की मेडल सूची को लेकर कमिश्नरी के अफसरों से लेकर डीजीपी तक पर सवाल उठाए।

उस पर कमिश्नरी पुलिस की तरफ से उसका जवाब भी दिया गया। इस बीच उसके कुछ पुराने ट्वीट भी सामने आए। एक रिप्लाई में उसने पीएम और एक महिला आईएएस पर अभद्र टिप्पणी की। इसी तरह के कई और भी ट्वीट उसके एकाउंट से किए गए थे। ट्वीट वायरल होने की जानकारी हुई, तो अजय ने एकाउंट ही डिलीट कर दिया। हालांकि विवादित ट्वीट के स्क्रीनशॉट व यूआरएल अफसरों ने सुरक्षित कर लिया था।

बर्खास्तगी भी हो सकती है
डीसीपी क्राइम ने बुधवार को सिपाही अजय को पहले लाइन हाजिर किया। गुरुवार को एडिशनल सीपी मुख्यालय आनंद कुलकर्णी ने उसे निलंबित कर दिया। उसके खिलाफ सेक्शन-7 के तहत विभागीय जांच शुरू हुई है। इसमें अधिकतम दंडात्मक कार्रवाई बर्खास्तगी तक है। ऐसे में अगर जांच में पूरी तरह से दोष सिद्ध हो गया, तो सिपाही बर्खास्त भी हो सकता है।

क्राइम ब्रांच का विवादों से नाता पुराना
कमिश्नरी की क्राइम ब्रांच पिछले पांच-छह महीनों से लगातार विवादों की वजह से चर्चा में है। सबसे पहले अपराधी के साथ दरोगा आसिफ की यारी उजागर हुई थी। एसटीएफ बनकर वसूली का खेल का राजफाश हुआ था। तब आठ पुलिसकर्मियों को हटाया गया था। वहीं एटीएम हैकर गिरोह से भी संपर्क की बात सामने आई थी। वहीं अब एक और सिपाही की करतूत उजागर हुई है।
विज्ञापन

प्रकरण बेहद गंभीर है। मामले के सभी साक्ष्य जुटाकर तफ्तीश की जा रही है। जांच के बाद सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।  - आनंद प्रकाश तिवारी, ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर कानून-व्यवस्था
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें