उस पर कमिश्नरी पुलिस की तरफ से उसका जवाब भी दिया गया। इस बीच उसके कुछ पुराने ट्वीट भी सामने आए। एक रिप्लाई में उसने पीएम और एक महिला आईएएस पर अभद्र टिप्पणी की। इसी तरह के कई और भी ट्वीट उसके एकाउंट से किए गए थे। ट्वीट वायरल होने की जानकारी हुई, तो अजय ने एकाउंट ही डिलीट कर दिया। हालांकि विवादित ट्वीट के स्क्रीनशॉट व यूआरएल अफसरों ने सुरक्षित कर लिया था।
बर्खास्तगी भी हो सकती है
डीसीपी क्राइम ने बुधवार को सिपाही अजय को पहले लाइन हाजिर किया। गुरुवार को एडिशनल सीपी मुख्यालय आनंद कुलकर्णी ने उसे निलंबित कर दिया। उसके खिलाफ सेक्शन-7 के तहत विभागीय जांच शुरू हुई है। इसमें अधिकतम दंडात्मक कार्रवाई बर्खास्तगी तक है। ऐसे में अगर जांच में पूरी तरह से दोष सिद्ध हो गया, तो सिपाही बर्खास्त भी हो सकता है।
क्राइम ब्रांच का विवादों से नाता पुराना
कमिश्नरी की क्राइम ब्रांच पिछले पांच-छह महीनों से लगातार विवादों की वजह से चर्चा में है। सबसे पहले अपराधी के साथ दरोगा आसिफ की यारी उजागर हुई थी। एसटीएफ बनकर वसूली का खेल का राजफाश हुआ था। तब आठ पुलिसकर्मियों को हटाया गया था। वहीं एटीएम हैकर गिरोह से भी संपर्क की बात सामने आई थी। वहीं अब एक और सिपाही की करतूत उजागर हुई है।
प्रकरण बेहद गंभीर है। मामले के सभी साक्ष्य जुटाकर तफ्तीश की जा रही है। जांच के बाद सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। - आनंद प्रकाश तिवारी, ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर कानून-व्यवस्था