शिवली (कानपुर देहात)। कस्बे के भेवान गांव के पास सोमवार रात बाइक सवार दो सगे भाइयों को वाहन ने टक्कर मार दिया। दुर्घटना में दोनों की मौत हो गई। शिवली से घर पहाड़ीपुर रसूलाबाद जा रहे थे। घटना के बाद से घर में कोहराम मच गया। पुलिस ने टक्कर मारने वाले वाहन की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक, मौके पर बाइक सवारों का हेलमेट नहीं मिला है।
रसूलाबाद थाना के पहाड़ीपुर गांव के रहने वाला विष्णु चटर्जी (28) गांव के बाहर बस स्टाप पर मोबाइल की दुकान है।। सोमवार की सुबह वह कानपुर सामान खरीदने गया था। वहां से वह बस से वापस गांव आ रहा था। शिवली में बस खराब हो गई। उसे घर जाने के लिए वाहन नहीं मिला। उसने रात में छोटे भाई विकास चटर्जी (22) को फोन कर बुलाया। भाई विकास बाइक लेकर शिवली पहुंचा। वहां से दोनों घर लौट रहे थे। तभी भेवान गांव के पास अज्ञात वाहन ने बाइक में टक्कर मार दी।
दुर्घटना में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने गंभीर रूप से घायलों को सीएचसी में भर्ती कराया। वहां डॉक्टर ने विष्णु को मृत घोषित कर दिया। जबकि, विकास का प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। अस्पताल जाते समय विकास ने रास्ते में दम तोड़ दिया। जानकारी के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। बस की टक्कर से घटना होने की चर्चा रही
एसआई नियाज हैदर ने बताया कि वाहन के बाबत जानकारी जुटाई जा रही है। परिजनों की ओर से तहरीर नहीं मिली है। तहरी मिलते ही रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
शव पहुंचते मचा कोहराम, माता-पिता बेसुुध
रसूलाबाद। पहाड़ीपुर गांव में मंगलवार की शाम दो सगे भाइयों के शव पहुंचते कोहराम मच गया। मृतक युवकों की मां सरस्वती, पिता मनोज शव से लिपट कर बेहोश हो गए। होश आते ही फिर बिलखने लगे। दादी निर्मला बुरी तरह से बिलखती रहीं। मोहल्ले की महिलाएं ढांढस बंधाने के दौरान खुद के आंसू नहीं रोक पा रही थीं। मृतक के पिता मनोज ने बताया कि दो बेटे व तीन बेटियां हैं। बेटियों की शादी कर चुके थे। बेटे अविवाहित थे। मोबाइल की दुकान से घर का खर्च चला रहे थे। दोनों की मौत से घर के चिराग बुझ गए। साथ ही बुढ़ापा का सहारा टूट गया। दोनों के शव देररात तक रखे रहे। बहनों के आने का परिजन इंतजार कर रहे थे।
बस खराब न होती तो शायद बच जाती जान
रसूलाबाद। पहाड़ीपुर गांव में ही विष्णु चटर्जी की मोबाइल की दुकान है। कानपुर से वापसी में रात हो गई। शिवली में आकर बस खराब हो गई। इससे उसे घर से भाई को बुलाना पड़ा। दोनों शिवली से बाइक पर सवार होकर करीब सात किमी चले और हादसे का शिकार हो गए। ग्रामीण चर्चा करते रहे कि शायद दोनों की एक साथ मौत निश्चित थी तभी बस खराब हो गई और घर में होने के बावजूद विकास को भी शिवली जाना पड़ा।