कानपुर देहात/राजपुर। निर्बरी घाट में खनन को लेकर बर्चस्व की जंग में हुए दोहरे हत्याकांड के मुख्य आरोपी को पुलिस की अर्जी पर कोर्ट ने तलब किया है। वह मैनपुरी जेल में अवैध शस्त्र रखने के आरोप में बंद है। आठ जून को वहां से जिले की कोर्ट में उसे लाया जाएगा। पुलिस उसे रिमांड पर लेने की तैयारी में है।
28 मई को निर्बरी बालू घाट में वर्चस्व की जंग में गोलियां चल गई थीं। इसमें सट्टी के गुलरेज (35) व जामू बिधनू कानपुर के सेवानिवृत्त फौजी ज्ञानेंद्र सिंह (45) की मौत हो गई थी। दोनों पक्षों ने आगरा के अनिल चौहान उर्फ अनिल यादव को आरोपी बनाया था। घटना का मुख्य आरोपी अनिल मौके से भागने में सफल रहा था। उसे मैनपुरी जिले में दन्नाहार पुलिस ने अवैध शस्त्र रखने के आरोप में गिरफ्तार किया था। जिले की पुलिस ने उसे रिमांड पर लेने के लिए कोर्ट में अर्जी दी।
इस पर सीजेएम कोर्ट ने आठ जून को उसे तलब किया है। आठ जून को उसे मैनपुरी जेल से माती कोर्ट लाया जाएगा। इसके बाद पुलिस रिमांड पर लेने की तैयारी में है। घटना में झांसी की पार्थ कंस्ट्रक्शन एंड सप्लायर्स फर्म के मालिक बसंत चतुर्वेदी नामजद हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है।
मृतक गुलरेज के भाई 25 हजार के ईनामी सट्टी निवासी बिलाल की तलाश में भी पुलिस लगी है। एसपी ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी में पुलिस टीमें काम कर रही हैं। मुख्य आरोपी को रिमांड पर लेने की कार्यवाही चल रही है।