कानपुर देहात। जिला कारागार में निरुद्ध विचाराधीन बंदी विजय सिंह उर्फ टोपी की गुरुवार को मौत हो गई। विजय सिंह 13 महीने पहले बांदा जेल से स्थानांतरित होकर माती स्थित जेल में आया था।
जेल अधीक्षक अरुण प्रताप सिंह ने बताया कि विचाराधीन बंदी नगला देविन पुरवा सचेंडी (कानपुर नगर) निवासी विजय सिंह उर्फ टोपी पर चोरी व हत्या के प्रयास समेत सात मुकदमे दर्ज हैं। वह बांदा जेल में बंद था। वहां से 17 सितंबर 2018 को माती स्थित जेल भेजा गया था। वह कैंसर व तपेदिक रोग से पीड़ित था। उसका कानपुर नगर के जेके कैंसर में उपचार चल रहा था। 16 से 19 नवंबर तक कीमोथेरेपी के लिए जेके कैंसर संस्थान वह भर्ती रहा। इसके बाद वापस जेल आया था।
गुरुवार को हालत बिगड़ने पर बंदी रक्षक राधा किशन द्विवेदी के साथ उसे जिला अस्पताल भेजा गया। वहां डाक्टर निशांत पाठक ने विजय को मृत घोषित कर दिया। बंदी की मौत की सूचना पर उसकी पत्नी शिखा, बेटा विशाल (7) व बेटी सोनम (3) को लेकर जिला अस्पताल पहुंची। सभी विजय के शव से लिपटकर रोते रहे। थाना प्रभारी धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद विजय का शव उसके घरवालों को सौंप दिया गया।