कानपुर को स्मार्ट सिटी बनाने की बहुत संभावनाएं हैं। इसके लिए शहरवासियों की जरूरतों को समझना और उन्हें समायोजित करते हुए डीपीआर तैयार करना जरूरी है। इसमें आईआईटी का सहयोग लिया जाएगा।
15 दिसंबर तक डीपीआर तैयार कर केंद्र सरकार के पास भेजनी है। 26 जनवरी को प्रधानमंत्री स्मार्ट सिटी के लिए चयनित 20 शहरों के नाम घोषित करेंगे। ये जानकारी गुरुवार को डॉर्च कंसल्ट (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर निर्मल जी हम्बड और चीफ अरबन प्लानर एके बोस ने दी।
मुंबई की इस कंसल्टेंट कंपनी को स्मार्ट सिटी चयन की दौड़ में शामिल कानपुर की डीपीआर तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस कंपनी के एमडी, चीफ अरबन प्लानर और रेजीडेंट इंजीनियर विजय कुमार गुरुवार को यहां आए।
उन्होंने आईआईटी में विचार-विमर्श करने के बाद नगर निगम में अपर नगर आयुक्त (प्रथम) विनोद गुप्ता और अधिशासी अभियंता (पर्यावरण) पंकज भूषण के साथ बैठक की।
कंपनी के अधिकारियों ने ‘अमर उजाला’ को बताया कि वे शहरवासियों के सुझाव लेने के साथ ही विधिवत अध्ययन करके तय करेंगे कि यहां पुराने शहर का विकास, पुराने शहर की सुविधाओं में सुधार करना चाहिए या नया स्मार्ट सिटी बसाया जा सकता है अथवा तीनों संभावनाएं हैं।
नगर निगम से शहर का नक्शा, स्थितियों, पूर्व में हुए सर्वे की रिपोर्ट, मास्टर प्लान आदि मांगें हैं। पंकज भूषण ने बताया कि कुछ दस्तावेज उपलब्ध करा दिए गए हैं। अन्य दस्तावेज भी जल्द दिए जाएंगे।
डीपीआर बना रही है डॉर्च
डॉर्च कंसल्टेंट कंपनी कानपुर, गाजियाबाद और तमिलनाडु के तंजोए शहर का डीपीआर बना रही है। कंपनी के एमडी ने बताया कि तमिलनाडु में डीपीआर का पहला चरण पूरा हो गया है।
कंसल्टेंट ने इन पर दिया जोर
lस्मार्ट सिटी के लिए केंद्र सरकार की वेबसाइट पर कानपुर का पेज और नगर निगम की वेबसाइट पर स्मार्ट सिटी का पेज तुरंत बनाएं।
lस्मार्ट सिटी के लिए जनसामान्य से 30 अक्तूबर तक ऑनलाइन सुझाव, एक हजार शब्दों के निबंध आमंत्रित करें।
lसिटिजन पार्टिसिपेशन कमेटी बने, जिसमें आईआईटी, केडीए, शिक्षा, राजनीति, एनजीओ, मीडिया प्रतिनिधि शामिल हों।
lनगर निगम की आय बढ़ाने, पीपीपी माडल, आईआईटी कानपुर के पूर्व छात्रों सहित अन्य से दान लेने आदि की योजना बने।