कानपुर। क्राइम ब्रांच और बिठूर पुलिस की संयुक्त टीम ने सोमवार को चकेरी से दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस टीम ने उनके पास से दो पिस्टल, 27.50 ग्राम स्मैक, 920 ग्राम चरस बरामद की है। आरोपियों ने यूट्यूब चैनल के जरिये शहर में अपना नेटवर्क फैलाया। खरीदार मिलने के बाद असलहा और फिर स्मैक, चरस बेचने लगे।
डीसीपी क्राइम एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि बिठूर थाने में दर्ज एनडीपीएस और आर्म्स एक्ट के दो अलग-अलग मामलों की जांच की जा रही थी। इन मामलों में पुलिस को लालबंगला के काजीखेड़ा निवासी बलराम राजपूत और उसके पड़ोसी रजत वर्मा की तलाश थी। सोमवार को मुखबिर सूचना पर क्राइम ब्रांच और बिठूर पुलिस की संयुक्त टीम ने दोनों को चिरान गांव में जंगल वाला वाॅटर पार्क के अंदर बने एक मकान से गिरफ्तार किया। दोनों वहां घूम-घूमकर स्मैक की पुड़िया बेच रहे थे। बलराम पर चकेरी, बिठूर और छावनी में नौ मुकदमे दर्ज हैं। रजत का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है। फिलहाल नवंबर में उसकी शादी तय थी। दोनों आरोपियों को मंगलवार कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
क्राइम-9 से बना रखा था यूट्यूब चैनल
पूछताछ में बलराम ने बताया कि उसका क्राइम-9 के नाम से यूट्यूब चैनल था। इस चैनल के जरिये उसने पहले लड़कों का नेटवर्क बनाया। यह नेटवर्क मंगाए गए माल की बिक्री करने में मदद करता था। चैनल के जरिये जुड़े लड़कों को आईडी कार्ड भी जारी किया था। यह लड़के चकेरी, बजरिया, जाजमऊ में सक्रिय थे। इन्हीं के जरिये स्मैक और पिस्टल बेचने का नेटवर्क बनाया था। वह खुद चैनल का संपादक था।
मुंगेर से अब तक 10 पिस्टल लाकर बेंच चुका
डीसीपी ने बताया कि बलराम मुंगेर से अब तक 10 बार पिस्टल ला चुका है। वह 35 हजार रुपये में पिस्टल लाता और 50 हजार रुपये तक में बेच लेता था। आरोपी स्मैक और पिस्टल बेचने के लिए स्कूल कॉलेज के युवकों और इन चीजों के शौकीन रईशजादों को तलाशते थे। ऐसे ही तस्कर 50 ग्राम स्मैक डेढ़ लाख रुपये में लाते थे। फिर पुड़िया बेचक 15 हजार रुपये हर दिन की आय कर लेते थे।
पूरा परिवार है गांजा व स्मैक तस्कर
पुलिस के मुताबिक बलराम का बिठूर में करोड़ों की कीमत का मकान है। वह लंबे समय से इस काम में लगा है। उसका साला और परिवार के अन्य सदस्य भी तस्करी में शामिल हैं। वहीं रजत ने तीन माह पहले ही बलराम के साथ स्मैक बेचने का काम शुरू किया था।