रनियां (कानपुर देहात)। शांतिदेवी मेमोरियल बालगृह में गुरुवार को डायरिया से मासूम बच्ची की मौत के बाद शुक्रवार को पहुंची डिप्टी सीएमओ व स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बालगृह के सभी बच्चों का परीक्षण किया। स्वास्थ्य विभाग की टीम को स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान सभी आठ बच्चे कुपोषण का शिकार मिले। सात बच्चे तो कुपोषित व एक मासूम बच्ची अतिकुपोषित मिली। दो बच्चों को तुरंत अस्पताल भेजा गया। वहीं जिला प्रोबेशन अधिकारी को बालगृह के कमरों में कंडे भरे मिले। बच्चे गंदे कपड़े पहने थे, जिनसे दुर्गंध उठ रही थी। बिस्तर भी बदबूदार व बिना धुले हुए थे। सीवर चोक मिला, जिससे दुर्गंध उठ रही थी। अफसरों ने कार्रवाई की बात कही है हालांकि अब तक इस घोर अव्यवस्था पर नजर क्यों नहीं गई, यह सवाल अफसरों की मंशा पर प्रश्न चिह्न लगाता है।
बालगृह में गुरुवार को मासूम सिमरन (1 वर्ष) की जिला अस्पताल में मौत हो गई थी। उल्टी-दस्त से पीड़ित मासूम उमा (4) को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बालगृह में 17 मार्च को टीबी से तीन वर्षीय मासूम सौम्या की मौत हो गई थी, जबकि 3 जून को कमजोरी के चलते दो माह की ममता की मौत हुई थी।
‘अमर उजाला’ में मामला उठने के बाद शुक्रवार को बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण करने के लिए डिप्टी सीएमओ आनंद प्रकाश वर्मा, सरवनखेड़ा सीएचसी प्रभारी आरएन सिंह, रनियां पीएचसी प्रभारी विशाल भसीम की टीम पहुंची। पूरे दिन बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। सीता देवी (11 माह), रिया (11 माह), मुस्कान (4 वर्ष 8 माह), विकलांग प्रेरणा (ढाई वर्ष), सारिका (2 वर्ष 10 माह), नानिया (साढे़ तीन वर्ष), दीप्ति (साढ़े पांच वर्ष) कुपोषित मिलीं। एक मासूम कीर्ति (5 माह) अतिकुपोषण का शिकार मिली।
अतिकुपोषण का शिकार कीर्ति व कुपोषित रिया की हालत नाजुक देख उनको तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सरवनखेड़ा सीएचसी प्रभारी आरएन सिंह ने बताया कि अतिकुपोषित बच्ची कीर्ति का वजन मात्र दो किलो है। उसके पूरे शरीर में संक्रमण है। बच्ची को प्रोटीन एनर्जी माडयूकेशन बीमारी है, जिससे बच्ची के शरीर मेें कैलोरी काफी कम है। जिला प्रोबेशन अधिकारी को भी खामियाें का अंबार मिला। उन्होंने बालगृह संचालक श्रवण कुशवाहा के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के लिए दोबारा उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजने की बात कही। रिपोर्ट पहले भी भेजी गई थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई थी।