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दुष्कर्म के दोषी पिता को कोर्ट ने 34 दिन में सुनाई सजा, तेज आवाज में दबा देता था मासूम की चीखें

Fri, 15 Nov 2019 03:35 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Social media
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कानपुर में नाबालिग बेटी को डरा-धमकाकर दुष्कर्म करने वाले पिता को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो ने दस साल कैद की सजा सुनाई है। 22 हजार रुपये जुर्माने भी लगाया। जुर्माने की रकम से आधी धनराशि पीड़िता को देने के आदेश दिए हैं। न्यायालय ने महज 34 दिन में न्यायिक कार्यवाही पूरी कर फैसला सुना दिया।
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बिठूर क्षेत्र निवासी छठवीं की 12 वर्षीय छात्रा की मौसेरी बहन ने सात अगस्त को थाने में तहरीर देकर उसके पिता पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। पीड़िता ने कोर्ट में दिए बयान में कहा कि करीब पांच साल पहले मां की मौत के बाद से वह पिता के साथ रह रही थी। पिता मुंह में कपड़ा ठूंसकर उसके साथ दुष्कर्म करता था।

 
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आवाज घर के बाहर न जाए, इसलिए फर्राटा पंखा और तेज आवाज में रेडियो चला देता था। विरोध पर तेजाब से जला देने की धमकी देता था। आस-पड़ोस में बताने पर वह कमरा बदलकर दूसरी जगह ले जाता था। एक दिन घर में रखे पचास रुपये हाथ लगे तो वह दो जुलाई को भागकर रावतपुर आ गई।

यहां से मौसी की बेटी के साथ उसके घर चली गई। विशेष लोक अभियोजक गंगा प्रसाद यादव ने बताया कि महीने भर बाद एक संस्था के सहयोग से मौसेरी बहन ने बिठूर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 11 अक्तूबर को कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई थी। अभियोजन की ओर से पीड़िता और उसकी मौसेरी बहन समेत आठ गवाह कोर्ट में पेश किए गए। सुबूतों और गवाहों के आधार पर विशेष न्यायाधीश पॉक्सो विजय राजे सिसौदिया की कोर्ट ने गुरुवार को सजा सुनाई।

 
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पुलिस ने भी दिखाई तेजी
बिठूर थाने में सात अगस्त 2019 को रिपोर्ट दर्ज की गई थी। 65 दिन चली विवेचना के बाद 11 अक्तूबर को कोर्ट में चार्जशीट दाखिल हो गई। इसके बाद आरोप तय हुए और आठ गवाहों की गवाही व जिरह की पूरी कार्यवाही कोर्ट ने सिर्फ 34 दिन में पूरी कर ली।

पिता देता था जानमाल की धमकी
मौसेरी बहन ने बयान में कहा कि पीड़िता के आपबीती बताने पर जब पिता को फोन कर बुलाया तो रिपोर्ट लिखाने पर वह जानमाल की धमकी देता था। अदालत में भी बयान के दौरान कठघरे में खड़ा पिता उसे घूरता रहा। मौसी पीड़िता को साथ रखना चाहती थीं, लेकिन पिता अपनी हरकतों की वजह से बहाने बनाकर बेटी को जबरन साथ ले जाता था।
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