कानपुर में कुत्ता भौंकने को लेकर हुए विवाद में नौ साल पहले अधेड़ की हत्या के तीन दोषियों को विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी रमेशचंद ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। आयुध अधिनियम के तहत दोषी पाए गए एक अभियुक्त को दस हजार रुपये अतिरिक्त जुर्माना अदा करना होगा।
वहीं संदेह के लाभ देते हुए दो अभियुक्तों को दोषमुक्त करार दिया है। नई चुंगी चौराहा जाजमऊ निवासी सुनील कुमार कुरील ने चकेरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा था कि चौबेपुर निवासी मौसा सीताराम कुरील उसके साथ रहकर काम करते थे। 24 जून 2010 की रात लगभग साढ़े 12 बजे वह मौसा के साथ घर के बाहर बैठा था, तभी सऊद के गुर्गे हाशमी रोड हरिजन बस्ती निवासी रोशन लारी, सीबू उर्फ सुुबू जा रहे थे।
उसके कुत्ते के भौंकने पर इन लोगों ने उसे पत्थर मार दिया। रोकने पर दोनों गालीगलौज कर झगड़ा करने लगे। इसी बीच पड़ोस में चल रहे एक विवाह समारोह से 15-20 लोग और आ गए। सऊद के कहने पर रोशन ने तमंचे से फायर कर दिया। गोली सीताराम के सीने में लगी। हैलट ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
एक आरोपी अब तक नहीं आया हाथ
विशेष लोक अभियोजक संजय त्रिपाठी ने बताया कि मामले में रोशन लारी, सीब, नूरी रोड डिफेंस कालोनी निवासी शेरू, केडीए कालोनी निवासी नुसरत व गज्जूपुरवा जाजमऊ निवासी सारिक और सऊद अख्तर के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में पेश की गई।
सऊद के फरार होने के कारण उसकी फाइल अलग कर दी गई थी। एसपीओ राजेश शुक्ला ने बताया कि रोशन की निशानदेही पर पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल तमंचा बरामद कर लिया था। घटना के वक्त छत पर खड़े सुनील के भाई अनिल राज ने भी घटना देखी थी।
अभियोजन की ओर से चश्मदीद सुनील और अनिल समेत 10 गवाह कोर्ट में पेश किए गए। सुबूतों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने रोशन लारी, सीबू और शेरू को हत्या के आरोप में सजा सुनाई, जबकि नुसरत व सारिक को दोषमुक्त करार दिया। वहीं आयुध अधिनियम के तहत दोषी रोशन लारी को दस हजार रुपये अतिरिक्त जुर्माने से भी दंडित किया।