शोर सुनकर उनका दूसरा भतीजा पृथ्वीराज दौड़कर पहुंचा, तो आरोपी बच्चा पाठक ने तमंचे से उस पर फायर झोंक दिया। तभी पीछे पहुंचे भतीजे अंकित को दूसरी गोली मार दी। छर्रे गर्दन में लगने से वह भी बेहोश होकर गिर गया।
वहीं, आरोपी जानमाल की धमकी देते हुए मौके से भाग गए। घायलों का इलाज रीजेंसी हॉस्पिटल कानपुर में चलता रहा है। अदालत ने आरोपी भाइयों बच्चा पाठक को सात साल का सश्रम कारावास व 50 हजार अर्थदंड व कामता, शीतल व राजा पाठक को तीन-तीन वर्ष की जेल व 20-20 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई है।