पिता के मकान से बेटा और बहू को बेदखल किया गया है। कानपुर एसडीएम सदर संजय कुमार की कोर्ट ने वृद्ध के पक्ष में फैसला सुनाया है। कल्याणपुर खुर्द निवासी निवासी राम नारायण सिंह (83) ने एसडीएम सदर की कोर्ट में छोटे बेटे बृजेंद्र सिंह और बहू पुष्पा सिंह के खिलाफ मुकदमा दाखिल किया था।
इसमें कहा गया था कि वह आईआईटी में सीनियर टेक्निकल असिस्टेंट के पद से सेवानिवृत्त हैं। 1983 में प्लाट बनवाया था। छोटा बेटा बृजेंद्र सिंह आपराधिक प्रवृत्ति का है। उसने मकान का अगला हिस्सा मंजू गंगवार और मंजू द्विवेदी को फर्जी तरीके से अपनी पत्नी के नाम से बेच दिया था। इसके बाद भी उसके मकान में रह रहा है। वह आए दिन मारपीट करता है। उसकी हत्या कर सकता है। बेटे ने कोर्ट में अपना पक्ष रखते हुए सभी आरोप गलत बताए।
कहा कि मंजू गंगवार और मंजू द्विवेदी को मकान बिक्री का मामला सिविल कोर्ट में विचाराधीन है। कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि सिविल कोर्ट में चल रहे मुकदमे का इस मामले से कोई वास्ता नहीं है। पिता के मकान से बेटे और बहू को बेदखल किया जाए। साथ ही आदेश का अनुपालन कराकर थानाध्यक्ष कल्याणपुर अपनी रिपोर्ट कोर्ट में दें।