फतेहपुर। शराब के लिए रुपये देने से मना करने पर भाभी की कुल्हाड़ी से वार कर नृशंस हत्या कर देने के मामले में दोषी युवक को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रविकरन सिंह की अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। प्रकरण न्यायालय में दो साल से विचाराधीन था। घटना किशनपुर थानाक्षेत्र के गढ़ीवा गांव के मजरे मझगवां की है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता विवेक उमराव ने बताया कि मजरे मझगवां निवासी अनीता देवी के पति नौरंग सिंह यादव की बीमारी से मौत हो गई थी। अनीता का मायका बांदा जिले के कमासिन में था। पति के गुजर जाने के बाद पत्नी अनीता तीन बेटों के साथ मजदूरी करके गुजारा करने लगी। देवर रंजीत यादव साथ रहता था। रंजीत अक्सर शराब के नशे में भाभी से बदसलूकी करता था। 23 सितंबर 2018 की शाम रंजीत ने भाभी अनीता से शराब के लिए पैसे मांगे। अनीता के मना करने पर रंजीत ने जानलेवा हमला करने की नियत से उसे दौड़ा लिया। अनीता खेतों की तरफ भागी। यहां उसका आठ वर्षीय छोटा बेटा ललित पहले से मौजूद था। ललित के सामने ही रंजीत ने उसकी मां को कुल्हाड़ी से काट डाला। रंजीत ने भाभी पर कुल्हाड़ी से आठ वार किए थे। सिर और पेट में गंभीर चोट के चलते अनीता की मौके पर ही मौत हो गई थी। घटना के तीसरे दिन पुलिस ने रंजीत को गिरफ्तार कर लिया था। तब से वह जेल में है। मृतका के भाई अतुल यादव ने हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। प्रकरण की सुनवाई अपर जिला जज रविकरन सिंह की अदालत में चल रही थी। सहायक शासकीय अधिवक्ता और अधिवक्ता राजेश सिंह यादव ने अदालत के समक्ष एक के बाद एक छह गवाह पेश किए। अदालत में मृतका के बेटे ललित ने बताया कि किस तरह उसके चाचा ने उसकी आंखों के सामने मां की हत्या की थी। सभी गवाहों और साक्ष्यों को मद्देनजर रखते हुए अपर जिला जज रविकरन सिंह ने रंजीत यादव को दोषी मानते हुए कैद और बीस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।